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प्राइवेट शिक्षिकाएं बचा रही जीजीआईसी की लाज

Sat, 18 Jul 2015 10:40 PM IST
चंद्रशेखर जोशी/अमर उजाला, चंपावत
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम से लेकर बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के दावे कर भले ही सरकार अपनी पीठ थपथपाती रही है, मगर जिला मुख्यालय के राजकीय बालिका इंटर कालेज (जीजीआईसी) की हकीकत इन दावों को खारिज करती है। यहां छात्राओं को पढ़ाने के लिए 70 प्रतिशत प्रवक्ताएं नहीं है। नौबत इस कदर खराब है कि कुछ महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई के लिए छात्राओं के अतिरिक्त शुल्क से बाहर से शिक्षिकाएं रखी गई हैं। सरकारी स्कूल की लाज प्राइवेट शिक्षिकाओं के हाथ है।
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650 छात्राओं वाले जीजीआईसी में इंटर में मात्र भौतिकी, रसायन और इतिहास विषय की ही प्रवक्ताएं हैं। जीव विज्ञान, गणित, अंग्रेजी सहित कुल सात विषयों की पढ़ाई भगवान भरोसे हैं। अभिभावकों ने कुछ शिक्षिकाओं की अपने स्तर से व्यवस्था की है। प्रधानाचार्य हेमंती बोहरा का कहना है कि इस वक्त इंटर में दो विषयों की पढ़ाई का बंदोबस्त अभिभावकों द्वारा किया गया है।

इन विषयों के लिए बेहद गरीब छात्राओं को छोड़ इन कक्षाओं की हर छात्रा को 50 रुपये का अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है। रीता भूगोल और रश्मि मनोविज्ञान पढ़ा रही हैं। अभिभावकों के सहयोग से रखी गईं शिक्षिकाओं को प्रति पीरियड एक हजार रुपये मासिक दिया जा रहा है। ये शिक्षिकाएं तीन से चार पीरियड रोज पढ़ाती हैं। हाईस्कूल में भी 11 में से 3 विषयों की एलटी शिक्षिकाएं नहीं है।
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टूटे फर्श और टपकती छत के बीच चलती हैं कक्षाएं
जीजीआईसी में पढ़ाई ही नहीं सुरक्षा का भी खतरा है। 13 साल पूर्व बने स्कूल भवन की हालत ठीक नहीं है। प्रधानाचार्य कक्ष से लेकर अन्य कक्षाओं की छत बारिश में जगह-जगह से टपकती हैं। सीलन और छतों के टपकने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बरामदे से लेकर दो कमरों का फर्श पूरी तरह से उखड़ गया है, जिस कारण इन जगहों पर छात्राओं को नहीं बैठाया जाता है।

प्रधानाचार्यों की बैठक और अन्य माध्यमों से शिक्षिकाओं की कमी को उठाया जाता रहा है, लेकिन लंबे समय से इन रिक्त पदों को भरा नहीं जा सका है। इसका असर शैक्षिक गुणवत्ता पर पड़ रहा है। इसी तरह क्षतिग्रस्त भवन को लेकर भी कुछ नहीं हुआ है। -हेमंती बोहरा, प्रधानाचार्या,  जीजीआईसी चंपावत।

चंपावत जीजीआईसी सहित जिले के सभी बालिका इंटर कालेजों में अध्यापकों की कमी का मामला जून में टनकपुर दौरे पर आए मुख्यमंत्री हरीश रावत के सम्मुख भी उठा था। सरकार गेस्ट टीचरों की तैनाती के जरिए इस कमी को जल्द पूरा करेगी। -हेमेश खर्कवाल, विधायक, चंपावत।
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