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चंपावत में सन्नाटे मेें रहे ज्यादातर बैंक

Sun, 13 Nov 2016 10:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
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बैंक - फोटो : अमर उजाला
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 आजादी के बाद शायद यह पहला मौका है जब रविवार को भी सभी बैंक खुले रहे। लेकिन जिला मुख्यालय के एसबीआई को छोड़ अन्य बैंकों में सन्नाटा पसरा रहा। इन बैंकों में कैश की किल्लत थी। बैंकों के पास बेहद कम धनराशि बची थी। ज्यादातर बैंकों को एसबीआई से नकदी नहीं मिल पा रही है और जिन्हें कैश चेस्ट से नकदी मिल भी रही है वह बेहद कम है। इन बैंकों में जब तक रुपए थे, तब तक तो ग्राहकों की भीड़ रही। अब हालत बदल गए हैं। रविवार को मौके पर जाकर देखा, तो हालात कुछ इस तरह थे।

सिंडिकेट बैंक में है महज 70 हजार रुपए
सिंडिकेट बैंक में रविवार को कम भीड़ रही। शाखा प्रबंधक अरविंद सिंह ने बताया कि बीते तीन दिनों में एसबीआई से तीन लाख रुपये की व्यवस्था हो पाई। इन तीन दिनों में 1.20 लाख रुपए की कीमत के नोट बदले गए। जबकि 60 लाख रुपए जमा किए गए। बैंक में वर्तमान में 70 हजार रुपए नकद है।
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आईडीबीआई को नहीं मिली रकम
आईडीबीआई बैंक में रविवार को इक्का-दुक्का लोग थे। शाखा प्रबंधक मदन मोहन ने बताया कि कैश चेस्ट से रुपए मांगें गए हैं पर मिले नहीं। बीते तीन दिनों में आईडीबीआई में 50 हजार रुपए कीमत के नोट बदले गए। जबकि 1.20 करोड़ रुपए जमा किए गए। अब बैंक में मात्र 50 हजार रुपए ही बचे हैं।

सेंट्रल बैंक में ग्राहक नदारद
सेंट्रल बैंक आफ इंडिया में भी रविवार को ग्राहक कम थे। शाखा प्रबंधक सीएस गर्ब्याल ने बताया कि शनिवार को एसबीआई से महज दो लाख रुपए मिल पाए। जिनमें सिक्के भी शामिल थे। तीन दिनों में बैंक में 12 हजार रुपए की कीमत के नोट बदले गए। जबकि 49 लाख रुपए जमा किए गए। वर्तमान में बैंक के पास मात्र एक लाख रुपए का कैश है।
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यूनियन बैंक ने मुख्य शाखा से मंगाए 12 लाख
यूनियन बैंक में भीड़ कम थी। बैंक को एसबीआई से धनराशि नहीं मिलने पर हल्द्वानी स्थित मुख्य शाखा से 12 लाख रुपए मंगाने पड़े। शाखा प्रबंधक रजनीश सिंह ने बताया कि बीते तीन दिनों में बैंक में 60 हजार रुपए की कीमत के नोट बदले गए। जबकि 84 लाख रुपए जमा किए गए। वर्तमान में बैंक में दस लाख रुपए जमा हैं।
 
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