मानसूनी बारिश ने बाराकोट विकासखंड में एक व्यक्ति के सपनों को चकनाचूर कर दिया। मूसलाधार वर्षा के कारण एक व्यक्ति का आधा-अधूरा मकान जमींदोज हो गया। खंभों पर खड़े मकान की पहली मंजिल का निर्माण पूरा कर लिया गया था। जबकि भूतल का निर्माण बाद में होना था। मकान का हरेले के दिन 16 जुलाई को गृह प्रवेश होना था। एकाएक हुए इस हादसे के बाद परिजन अपनी सुधबुध खोए हुए हैं।
राजकीय इंटर कॉलेज बर्दाखान में अनुसेवक के पद पर कार्यरत मदन लाल वर्मा पुत्र तुलाराम वर्मा ने बाराकोट में जीआईसी के पास अपने जीवनभर की गाढ़ी कमाई से मकान का निर्माण किया गया था। बुधवार की रात करीब 11 बजे मकान के पीछे भूस्खलन होने से मलबे ने मकान को अपनी चपेट में ले लिया। जिससे मकान भरभराकर एकाएक ध्वस्त हो गया। मकान के ध्वस्त होने की सूचना मिलने पर भवन स्वामी का परिवार सदमे में हैं। श्री वर्मा हरेला पर्व पर इस मकान में गृह प्रवेश करने की जोरशोर से तैयारियां कर रहे थे।
इस मकान को बनवाने में श्री वर्मा का परिवार दो सालों से लगा हुआ था। पूरा परिवार मकान के निर्माण कार्य में स्वयं भी हाथ बंटाते थे। ताकि उनके धन की बचत हो सके। मदन ने बताया कि जीवनभर की कमाई लगाकर करीब 14 लाख रुपये की लागत से मकान बनाया था। एकाएक हुए इस हादसे से इस परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट गया है। मकान ध्वस्त होने के बाद वर्मा के घर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है। बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग की जेसीबी ने ध्वस्त हुए मकान का मलबा साफ किया।