लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल।
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चंपावत। नेपाल सीमा के करीब बन रही टीजे (टनकपुर-जौलजीबी) रोड के दूसरे पैकेज (चूका से रूपालीगाड़ तक) में निविदा में गड़बड़ी का आरोप लगाने वाले लोहाघाट के भाजपा विधायक पूरन सिंह फर्त्याल मुख्यमंत्री से मुलाकात किए बगैर लौट आए हैं। लौटने के बाद विधायक ने कहा कि वे 123 करोड़ रुपये के इस पैकेज में हुए भ्रष्टाचार को उठाते रहेंगे। त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार की भ्रष्टाचार को लेकर जारी जीरो टोलरेंस नीति के अनुरूप भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग जारी रखेंगे। इसके लिए सदन से सड़क तक चुप नहीं रहेंगे।
फर्त्याल ने कहा कि 23 सितंबर से तीन दिन तक चलने वाले विधानसभा सत्र में सीमांत की इस बेहद महत्वपूर्ण टीजे सड़क के गड़बड़झाले को उठाएंगे। आरोप लगाया कि शासन के कुछ आला अफसर असलियत को सरकार के सामने नहीं रख रहे हैं। तीन सदस्यीय आर्बिटेशन ने दो जून को ठेकेदार दिलीप सिंह अधिकारी को सात करोड़ सात लाख 64 हजार 696 रुपये देने का आदेश दिया था। विधायक का कहना है कि ये आदेश गलत है और इसके खिलाफ अदालत में अपील की जानी चाहिए थी। आर्बिटेशन के फैसले के 90 दिनों के भीतर अपील किए जाने का विकल्प रहता है। लेकिन अपील नहीं होने और बाद में पुराने ठेकेदार से आगे के काम को कराने से विधायक नाराज हैं। आर्बिटेशन के अलावा अदालत ने भी ठेकेदार पर लगे आरोपों को खारिज कर दिया था। विवाद की वजह से इस मार्ग में अगस्त 2017 से काम भी बंद था।