जिले के दुग्ध उत्पादकों के लिए अच्छी खबर है। अब दुग्ध संघ फरवरी माह के तीसरे सप्ताह से आंचल पनीर का उत्पादन करेगा। इसके लिए दुग्ध संघ की ओर से देहरादून से पनीर बनाने वाली मशीनें मंगा ली गई हैं। जल्द ही दुग्ध संघ पनीर बनाना शुरू कर देगा
दुग्ध संघ अध्यक्ष पार्वती देवी ने बताया कि आंचल छुरपी पनीर के उत्पादन के लिए प्रतिदिन दो हजार लीटर दूध प्रयोग में लाया जाएगा, जिससे प्रतिदिन 100 किलो पनीर तैयार किया जाएगा। चंपावत में उत्पादित पनीर की खरीद देहरादून की हिमालयन बास्केट कंपनी करेगी। इस कंपनी की ओर से प्रति माह तीन हजार किलो पनीर की मांग चंपावत दुग्ध संघ को प्राप्त हो गई है।
उन्होंने बताया कि इससे पहले चंपावत दुग्ध संघ अपने उत्पादों को ऊधमसिंह नगर एवं नैनीताल जिलों को बेचा करता था। ऐसे में दुग्ध संघ को इन्हीं जिलों के ऊपर निर्भर रहना पड़ता था। अब देहरादून की कंपनी से मांग आने से चंपावत दुग्ध संघ को इन जिलों पर निर्भर नहीं रहना होगा। साथ ही पनीर बनाने में प्रयुक्त दूध से घी भी प्राप्त होगा।
प्रतिमाह होगा तीन से चार लाख रुपये का मुनाफा
दुग्ध संघ प्रबंधक राजेश मेहता ने बताया कि चंपावत दुग्ध संघ को पनीर के उत्पादन से प्रतिमाह औसतन तीन से चार लाख रुपये का मुनाफा होगा। पनीर को देहरादून हिमालयन बास्केट कंपनी को पांच सौ रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचा जाएगा। साथ ही पनीर बनाने के लिए प्रयुक्त दूध से घी भी प्राप्त होगा जिससे दुग्ध संघ को दोगुना लाभ होगा।
दुग्ध उत्पादन में होगी बढ़ोतरी
दुग्ध संघ को जैसे-जैसे मांग प्राप्त होगी वैसे उत्पादन बढ़ेगा। इससे दूध की उत्पादन मात्रा भी बढ़ेगी और उत्पादकों को अच्छे दाम प्राप्त होंगे। प्रतिदिन पनीर बनाने के लिए करीब दो हजार लीटर दूध की आवश्यकता है। धीरे धीरे यह मात्रा बढ़ेगी जिससे उत्पादकों से अधिक दूध की मांग की जाएगी।