चंपावत। आशा कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर एक्टिव सर्वे करने से साफ इंकार कर दिया है। एक्टिव सर्वे को लेकर सीएमओ के साथ हुई वार्ता में कोई नतीजा नहीं निकल सका। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने आशा कार्यकर्ताओं को मनाने के तमाम प्रयास किए लेकिन कार्यकर्ताओं ने साफ कहा कि प्रदेश संगठन के निर्देश के मुताबिक ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आशा संगठन की ब्लाक अध्यक्ष रुकमणि जोशी ने बताया कि मुख्य चिकित्साधिकारी की ओर से एक्टिव सर्वे करने के लिए कहा गया लेकिन उनकी मांगों पर गौर करने को कोई तैयार नहीं है। बताया कि आशा संगठन के प्रदेश नेतृत्व ने स्मार्ट फोन के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की तरह आशा कार्यकर्ताओं को भी नियत मानदेय नहीं मिलने तक एक्टिव सर्वे नहीं करने का एलान किया है। इसी के साथ दोनों पक्षों के बीच वार्ता का यह चरण भी बेनतीजा रहा।
बता दें कि ऑनलाइन एक्टिव सर्वे के तहत आशा कार्यकर्ताओं को 65 साल से अधिक उम्र, दस साल तक के बच्चे और गांव के लोगों की बुखार, खांसी आदि बीमारियों का सर्वे करना है। जिले की 349 कार्यकर्ताओं में से महज 85 ही इस काम को कर रही हैं। सर्वे नहीं करने के चलते दो जुलाई को सीएमओ ने नई नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने के भी आदेश जारी किए। अलबत्ता अभी इस आदेश का क्रियान्वयन नहीं हो सका है। वहीं आशा कार्यकर्ताओं के इंकार के बाद एएनएम, आशा फैसिलेटेटर और आशा समन्वयक सर्वे में सहयोग कर रही हैं।