क्षेत्र का दूरस्थ मझगांव शौचालय विहीन है, जिस कारण गांव के 95 प्रतिशत लोग खुले में शौच करने को विवश हैं। स्वजल विभाग के मुताबिक शौचालयों के निर्माण में वन भूमि और अन्य मानक आड़े आ रहे हैं, जिस कारण ग्रामीणों को प्रोत्साहन राशि से वंचित होना पड़ रहा है।
नेपाल सीमा के करीब स्थित क्षेत्र के दूरस्थ मझगांव के ग्रामीण संपूर्ण स्वच्छता अभियान का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। देवीपुरा ग्रामसभा अंतर्गत मझगांव में अधिकांश लोग कृषक हैं। ग्रामप्रधान माला देवी और उपप्रधान कमला उप्रेती ने बताया कि गांव के 95 प्रतिशत लोग आज भी खुले में शौच को विवश हैं। उनका कहना है कि कई गांवों में वन और राजस्व भूमि पर शौचालयों का निर्माण किया गया है, जिस पर उन्हें प्रोत्साहन राशि मिली है।
उधर, स्वजल के विशेषज्ञ आरिफ खान ने बताया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर वर्ष 2014 से शौचालयों के निर्माण पर 12000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। बताया कि शौचालय निर्माण के बाद ही प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जिसके लिए ग्रामीणों के पास एससी-एसटी, विकलांग, विधवा परिवार मुखिया, लघु किसान प्रमाण पत्र, भूमिहीन प्रमाणपत्र में से किसी एक का होना आवश्यक है। कहा कि मझगांव में किसान बही न होना और वन भूमि आड़े आ रही है।