ड्यूटी के दौरान मौत होने पर असम राइफल के शहीद हवलदार गंगा सिंह (48) का पूरे सैन्य सम्मान के साथ शारदा तट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। बनबसा स्थित 23 मराठा राइफल्स के जवानों ने 24 राउंड फायर कर सैनिक को अंतिम विदाई दी।
चकरपुर निवासी 18 असम राइफल्स के शहीद हवलदार गंगा सिंह का मंगलवार को शारदा तट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। चिता को मुखाग्नि उनके बड़े पुत्र असम राइफल्स के जवान नीरज सिंह ने दी। वे अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी, दो पुत्र और एक पुत्री हैं।
अंतिम संस्कार में शारदा बैराज चौकी प्रभारी एसआई बीआर पौरी, खटीमा पूर्व सैनिक कल्याण समिति अध्यक्ष कुंवर सिंह खनका, कांग्रेस युवा प्रदेश अध्यक्ष भुवन कापड़ी, जिला पंचायत सदस्य राम सिंह जेठी, छात्रसंघ अध्यक्ष दीपक चंद, छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष गणेश ठकुराठी, बिशन सिंह, रमेश पांडेय, जीवन पोखरिया, राजेंद्र चंद, वीरेंद्र राणा, गोपाल दत्त भट्ट, कैलाश बिष्ट, रामी चंद, सुरेंद्र पोखरिया आदि थे।
ब्रेन हैमरेज से हुई मृत्यु
शहीद सैनिक के साथ असम से आए असम राइफल्स के वारंट अफसर नारायण दत्त कापड़ी ने बताया कि हवलदार गंगा सिंह नागालैंड में तैनात थे। उन्हें 28 अक्तूबर को टैंपरेरी ड्यूटी पर गढ़वाल भेजा जा रहा था। अवध असम ट्रेन में सफर के दौरान कटियार के पास उनकी तबियत बिगड गई। सूचना पर उन्हें जीआरपी की मदद से प्राथमिक इलाज कराकर पटना रेफर किया गया। पटना अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार 2 नवंबर को ब्रेन हैमरेज से उनकी मृत्यु हो गई।