उत्तराखंड पुलिस बना राज्यस्तरीय फुटबॉल चैंपियन
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राज्यस्तरीय काली कुमाऊं फुटबॉल प्रतियोगिता के खिताब पर उत्तराखंड पुलिस की टीम ने कब्जा जमाया। फाइनल मुकाबले में उसने गढ़वाल रेजीमेंट (जीआर) की टीम को टाइब्रेकर में 4-1 से हराया। मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने विजेता टीम को एक लाख और उपविजेता टीम को पचास हजार रुपये का पुरस्कार दिया।
लडवाल फाउंडेशन की ओर से गोरलचौड़ मैदान में खेला गया फाइनल मुकाबला बेहद कांटे का रहा। पहले हाफ के दसवें मिनट में मिली पेनाल्टी को जीआर के विवेक नेगी गोल पोस्ट से बाहर मार बैठे। 33वें मिनट में उत्तराखंड पुलिस के अशोक ने गोल कर दिया। दूसरे हाफ के अंतिम क्षणों में जीआर के मोहित सिंह गोल कर मैच को बराबरी पर ले आए।
नतीजे के लिए टाइब्रेकर का सहारा लिया गया, इसमें उत्तराखंड पुलिस की तरफ से शेर सिंह, सौरभ रावत, अमित बिष्ट और अशोक सिंह ने गोल किया, जबकि जीआर की तरफ से मुकेश नौटियाल ही गोल कर सके। रेफरी सुनील कुमार, हीरा सिंह और भूपाल नेगी थे। आंखों देखा हाल अशोक वर्मा और रघुराज देउपा ने सुनाया। आयोजक नरेंद्र लडवाल और गौरव लडवाल ने आभार जताया। इस मौके पर डीएम डा.अहमद इकबाल, रवींद्र तड़ागी, विकास साह, विजय वर्मा, प्रदीप बोरा, महेंद्र बोहरा, गोविंद सामंत मौजूद थे।
सौरभ रावत ने जमाया गोल्डन बूट पर कब्जा
राज्यस्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता के फाइनल मैच में गढ़वाल रेजीमेंट के मोहित बिष्ट मैन आफ द मैच बने। उन्हें 110 रुपए का नगद पुरस्कार दिया गया, जबकि सात गोल कर गोल्डन बूट पर कब्जा जमाने वाले उत्तराखंड पुलिस के सौरभ रावत और इसी टीम के गोलकीपर वीरेंद्र पांडेय को प्लेयर आफ टूर्नामेंट के साथ ही 2500-2500 रुपए का नगद पुरस्कार दिया गया।