आपदा के दौरान फंसे लोगों की सहायता को रूट मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे। रविवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जिला प्रशासन को ये निर्देश दिए। ये रूट मजिस्ट्रेट खानपान से लेकर पीड़ितों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का काम करेंगे। मुख्यमंत्री ने तीन माह तक किसी भी जिला स्तरीय अफसर को छुट्टी नहीं देने और पहले से अवकाश पर चल रहे अधिकारियों की छुट्टी तत्काल निरस्त करने के निर्देश भी दिए।
सीएम ने आपदा राहत के लिए जिले को 2 करोड़ रुपये रिलीज करने के निर्देश दिए। बताया गया कि आपदा में मृत व्यक्ति की अंत्येष्टि के लिए लकड़ी आदि की निशुल्क व्यवस्था पुलिस विभाग करेगा। इसके लिए जिले को दस हजार रुपये की रकम आपदा मद से मिलेगी। मार्गों को तत्काल खोलने, संवेदनशील स्थानों पर नजर रखने, खाद्य सामग्री पर्याप्त मात्रा में रखने की हिदायत दी। सचिव शैलेश बगौली ने आपदा राहत का मुआवजा तत्काल वितरित करने के साथ इसकी जानकारी शासन को देने को कहा।
डीएम डॉ.अहमद इकबाल ने बताया कि सड़क खोलने के लिए संवेदनशील जगहों में जेसीबी, डोजर और अन्य उपकरण रखने के अलावा सभी जरूरी उपाय करने की बात कही। इस मौके पर एसपी दिलीप सिंह कुंवर, एसएसबी के डिप्टी कमांडेंट राजीव भट्ट, आईटीबीपी के भानु प्रताप, एडीएम जेएस राठौर, सीडीओ हरगोविंद भट्ट, लोनिवि के एसई डीएस ह्यांकी सहित तमाम अफसर मौजूद थे।