टनकपुर-जौलजीबी मार्ग पर रूपालीगाड़ में काम करा रहे एक जेसीबी मशीन ऑपरेटर पत्थरों की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल को अस्पताल लाने में पांच घंटे लग गए। जिला अस्पताल पहुंचाने से पूर्व ऑपरेटर की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। स्थानीय श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
टनकपुर-जौलजीबी मार्ग पर रूपालीगाड़ के पास काम करा रहे मशीन ऑपरेटर सुभाष चंद्र गहतोड़ी (46) पुत्र दयानंद गहतोड़ी निवासी सिर्तोली खेतीखान काम के दौरान पत्थरों की चपेट में आने से गंभीर रूप से चोटिल हो गए। जिस समय हादसा हुआ उस समय सुभाष चंद्र काम की मॉनिटरिंग कर रहे थे।
अस्पताल तक पहुंचाने में लग गए साढ़े पांच घंटे
उन्हें रूपालीगाड़ से लधिया नदी पार करा टनकपुर ले जाने का प्रयास किया गया लेकिन नदी के उफान पर होने से वापस लाना पड़ा। फिर सीम गांव से 55 किमी दूर चंपावत जिला अस्पताल रात करीब 7:45 बजे लाया गया। अस्पताल तक पहुंचाने में साढ़े पांच घंटे लग गए।
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सीएमएस डॉ. प्रदीप सिंह बिष्ट ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही सुभाष चंद्र दम तोड़ चुके थे। सामाजिक कार्यकर्ता भुवन गहतोड़ी ने बताया कि सुभाष अपने पीछे पत्नी और दो बच्चे छोड़ गए। उनकी मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।