चंपावत। जिले के कोट अमोड़ी ग्राम पंचायत के लोगों के लिए गांव तक सड़क आना आज भी सपने की तरह है। ग्रामीण लंबे समय से सड़क की राह देख रहे हैं। सड़क न होने के कारण मरीजों के लिए डोली ही एक मात्र सहारा है। बुधवार को कोट अमोड़ी ग्राम पंचायत के सैंदर्क तोक में एक मरीज को ग्रामीणों ने डोली के सहारे पांच किलोमीटर मुश्किल भरे रास्तों से गुजरते हुए मुख्य मार्ग तक पहुंचाया।
ग्रामीणों ने बुधवार को मरीज लालमणी भट्ट (48) पुत्र धर्मानंद भट्ट को डोली के सहारे मुख्य मार्ग और उसके बाद खटीमा अस्पताल पहुंचाया गया। ग्रामीण संजय भट्ट, गोविंद भट्ट, उमेश भट्ट, रमेश भट्ट, गोविंद बल्लभ, गोपाल दत्त, डिगर देव, कृष्णानंद मट्ट आदि का कहना है कि सड़क की मांग के लिए ग्रामीण लंबे समय से मांग करते आ रहे हैं। राज्य योजना में चीखोला से सैंदर्क तक आठ किलोमीटर की सड़क स्वीकृत होने के बाद भी लोक निर्माण विभाग की ओर से सर्वे कार्य पूरा नहीं हो पाया है जिससे ग्रामीणों में गुस्सा है।
पांच किमी की खड़ी चढ़ाई पार करनी होती है ग्रामीणों को
चंपावत। कोट अमोड़ी गांव तक सड़क नहीं होने से लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। अधिकांश लोगों को समय से इलाज न मिलने से अकारण मौत हो जाती है। ग्रामीणों को सड़क तक पहुंचने के लिए पांच किमी की खड़ी चढ़ाई पार करनी पड़ती है। संवाद
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लोकसभा चुनाव का होगा बहिष्कार
चंपावत। कोट अमोड़ी गांव के लोगों का कहना है कि यदि 2024 लोकसभा चुनाव से पहले सड़क नहीं बनती है तो लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीणों को हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। संवाद
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कोट अमोड़ी के लिए सड़क का सर्वे करने के बाद समरेख रिपोर्ट अधीक्षण अभियंता को भेजी गई है। जल्द ही स्वीकृति मिलने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। - एमसी पलडिय़ा, ईई, लोनिवि चंपावत।