टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम में अब साल के अंत तक रोपवे की सौगात मिल जाएगी। इससे हनुमान चट्टी से काली मंदिर तक की राह आसान हो जाएगी। श्रद्धालुओं को पांच किमी सड़क मार्ग और तीन किमी पैदल चढ़ाई नहीं चढ़नी पड़ेगी। उन्हें सिर्फ छह सौ मीटर सीढ़ी से ही जाना होगा।
प्रदेश सरकार ने 19 अक्तूबर 2012 को पीपीपी मोड पर पूर्णागिरि रोपवे प्रोजेक्ट कंपनी प्राइवेट लिमिटेड से रोपवे निर्माण, संचालन का तीस वर्ष का अनुबंध किया था। तब इसका बजट करीब 35 करोड़ था, जो अब बढ़कर 50 करोड़ हो गया है। यह कार्यदायी कंपनी को वहन करना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विधानसभा सीट होने के कारण कार्यदायी संस्था ने अब रोपवे का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।
कंपनी के रोपवे प्रोजेक्ट हेड और रोपवे निर्माण एक्सपर्ट दिनेश कुमार बंसल ने बताया कि पूरा निर्माण कंपनी को अपने संसाधन पर करना है। संचालन कंपनी का होगा और रायल्टी सरकार को दी जाएगी। अनुबंध खत्म होने पर रोपवे सरकार का हो जाएगा। विदेश से रोपवे प्लांट और मशीन का आर्डर दे दिया गया है।
रोपवे सिस्टम की डिजाइनिंग का कार्य चल रहा है। सिविल वर्क में कालीमंदिर के पास 360 वर्ग मीटर, हनुमान चट्टी में 600 वर्ग मीटर पर प्रारंभिक कार्य शुरू कर दिया है। सबसे पहले सिविल सामग्री को काली मंदिर तक पहुंचाने के लिए मैटीरियल रोपवे का निर्माण किया जा रहा है। दिसंबर तक कार्य पूर्ण होने पर रोपवे का संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। संवाद
ठूलीगाड़ में पार्किंग, टूरिस्ट कांप्लैक्स भी बनेगा
टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को खड़ा करने के लिए प्रमुख पड़ाव क्षेत्र ठूलीगाड़ में रोपवे कंपनी की ओर से वाहन पार्किंग और 20 बेड का टूरिस्ट कांप्लैक्स भी बनाया जा रहा है। इसमें रेस्टोरेंट भी होगा। कंपनी के प्रोजेक्ट हेड ने बताया कि ठूलीगाड़ में निर्माण स्थल पर समतलीकरण का कार्य शुरू हो गया है। संवाद