चंपावत। जिले के सबसे पहले गैस गोदाम और वितरण केंद्र लोहाघाट को शिफ्ट किया जाएगा। केंद्र के आसपास भीड़ और खतरे की आशंका को देखते हुए इसे शिफ्ट किया जा रहा है। इस केंद्र को यहां से पांच किमी दूर पाटन पाटनी में जमीन का आवंटन भी कर दिया गया है।
जिले का सबसे पुराना गैस वितरण केंद्र लोहाघाट में है। वर्ष 1985 में खुले इस केंद्र से 11 साल तक चंपावत को भी गैस सिलिंडर की आपूर्ति होती थी। इस केंद्र में 27,000 से अधिक उपभोक्ता हैं। चंपावत जिले में चंपावत, देवीधुरा, टनकपुर में तीन गैस वितरण केंद्र हैं।
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे शिवालय मंदिर के पास बना यह केंद्र शहरी क्षेत्र में भारी भीड़ वाली जगह पर संचालित है। इस कारण इसे यहां से हटाने की जरूरत महसूस की गई। गैस वितरण केंद्र के लिए पाटन पाटनी गांव में जमीन का आवंटन किया गया है। कुमाऊं मंडल विकास निगम, आईओसी, राजस्व विभाग के संयुक्त मुआयने के बाद इसे मंजूरी दी जाएगी।
इसलिए बदली जा रही एजेंसी की जगह
सुरक्षा के मद्देनजर बदलाव जरूरी।
एजेंसी एनएच पर भारी भीड़ भाड़ वाली जगह पर है।
एनएच किनारे गैस सिलिंडर बांटने से अक्सर जाम की नौबत आती है।
गैस एजेंसी के 100 मीटर के दायरे में पेट्रोल पंप और रोडवेज बस स्टेशन है।
जिले के सबसे पुरानी लोहाघाट की गैस एजेंसी का स्थान अब उपयुक्त नहीं है। इसके मद्देनजर इसे दूसरी जगह स्थानांतरित करने का प्रस्ताव दिया गया था। प्रशासन ने पाटन पाटनी में चार नाली से अधिक जमीन गैस वितरण केंद्र और गोदाम के लिए आवंटित की है। इस भूमि का नवंबर में संयुक्त मुआयना होगा। मुआयने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - प्रकाश मुरारी, नोडल अधिकारी, गैस वितरण केंद्र, चंपावत।