राष्ट्रीय राजमार्ग में स्वांला के पास जाम में फंसे वाहन।
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बारहमासी सड़क का निर्माण भविष्य के सफर की राह तो सुगम करेगा, लेकिन फिलहाल तो इस मार्ग पर लोगों की परेशानी बढ़ रही है। टनकपुर से पिथौरागढ़ के 150 किलोमीटर के सफर को तय करने में 6 घंटे के बजाय 8 घंटे का समय लग रहा है। यह स्थिति बारहमासी सड़क की कटिंग के कारण कई बार होने वाली आवाजाही पर रोक के चलते आ रही है।
अनिरुद्ध सिंह, पवन कुमार, विनोद राय को टनकपुर से पिथौरागढ़ जाना था। वह टनकपुर से 9 बजे चले, मगर पिथौरागढ़ शाम 5.05 बजे पहुंचे। 150 किमी की इस दूरी को 6 घंटे के बजाय 8 घंटे 5 मिनट में तय करने से उनका जरूरी काम लटक गया। कमोबेश ऐसे ही हाल ज्यादातर यात्रियों के हैं। टनकपुर से पिथौरागढ़ के बीच बारहमासी सड़क के काम से 5 से 6 जगह रुकना पड़ रहा है।
इस समय टनकपुर की तरफ से बस्टिया, अमरूबैंड, सूखीढांग व सिन्याड़ी, स्वांला से बनलेख के बीच दो जगह, मरोड़ाखान से बाराकोट, मीनाबाजार से कंतागांव तक के हिस्से में काम चल रहा है। इनमें से अधिकांश स्थानों में कटिंग के दौरान 10 मिनट से 30 मिनट तक आवाजाही बाधित हो रही है। जाम के चलते हो रही देरी से लोगों की परेशानी बढ़ रही है। उनका सफर लंबा हो रहा है तथा वह अब एक दिन में टनकपुर से पिथौरागढ़ का सफर पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला का कहना है कि जिला प्रशासन ने रात 7 बजे से सुबह 5 बजे तक इस रुट पर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई है। वहीं सड़क पर अनावश्यक व्यवधान को रोकने के लिए परामर्श अधिकारी निगरानी कर रहे हैं। एनएच खंड के मुख्य अभियंता ने भी अधिक देर तक सड़क को बाधित नहीं करने के आदेश दिए हैं।
अधिशासी अभियंता मथेला ने बताया कि बाहरमासी सड़क के निर्माण कार्य के दौरान किसी भी रूप में 30 मिनट से अधिक तक मार्ग बाधित नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। इस नियम के उल्लंघन की अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर शिकायत मिलेगी, तो कार्यवाही की जाएगी।