लोहाघाट (चंपावत)। स्वास्थ्य निदेशक कुमाऊं डॉ. गीता शर्मा ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान लोगों ने उन्हें अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के चलते हो रही दिक्कतों की जानकारी देने के साथ ही अस्पताल में मानकों के अनुरूप डॉक्टरों की तैनाती की मांग की।
डॉ. शर्मा ने कहा कि पीपीपी मोड के हटने के बाद सीएचसी में शीघ्र डॉक्टरों की नियुक्ति करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में परीक्षाएं होने तक अभी 12 दिसंबर तक फिलहाल चार डॉक्टर ही अस्पताल में सेवाएं देंगे। उसके बाद ही सीएचसी में डॉक्टरों की नियुक्तियां संभव हैं।
इस दौरान भैरव राय, सचिन जोशी, प्रकाश जोशी, गोविंद वर्मा आदि मौजूद थे। इधर, पीपीपी मोड के हटने के कारण बेरोजगार हुए कर्मचारी कांग्रेस के प्रांतीय प्रवक्ता डॉ. महेश ढेक के नेतृत्व में निदेशक डॉ. शर्मा से मिले। डॉ. ढेक ने कहा कि सीएचसी के पीपीपी मोड में जाने के बाद तीन वर्षों तक सभी कर्मचारियों ने सीएचसी में काम किया है।
उन्होंने कहा कि सीएचसी में व्यवस्था किए जाने के नाम पर दूरदराज ग्रामीण अंचलों के अस्पतालों से कर्मचारियों का समायोजन सीएचसी लोहाघाट में किया जा रहा है, इस कारण ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं भी चरमरा गई है। उन्होंने विभागीय स्तर से कर्मचारियों को सीएचसी में समायोजित करने की संस्तुति देने की बात कही।
स्वास्थ्य निदेशक ने स्वास्थ्य महानिदेशक से जनहित में निर्णय लेने के बारे में पत्र लिखने का आश्वासन दिया। इस दौरान सीएमएस डॉ. मंजीत सिंह, संजीव कुमार जोशी, मुकेश जोशी, मोहन राय, रंजीता मेहता, ज्योति, मंजरी जोशी, बाला, सुनीता, संजय कुमार आदि मौजूद रहे।
चंपावत। यहां के दो फार्मेसिस्ट लोहाघाट के सरकारी अस्पताल में स्थानांतरित हो गए हैं। सीएमओ डॉ. डीएल साह ने बताया कि अस्पताल की व्यवस्था को सुधारने के लिए ये कदम उठाया गया है। चंपावत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की फार्मेसिस्ट किरन राय और सिप्टी स्टेट एलोपैथिक डिस्पेंसरी के फार्मेसिस्ट मुकुल कुमार राय को लोहाघाट अस्पताल भेजा गया है। दोनों फार्मेसिस्टों ने नई तैनाती स्थल में कार्यभार ग्रहण कर लिया है।
इसी के साथ लोहाघाट अस्पताल में फार्मेसिस्टों के सभी तीन पद भर गए हैं, लेकिन डॉक्टरों के ज्यादातर पद खाली हैं। अस्पताल में मात्र दो डॉक्टर हैं। सीएमओ ने पिछले सप्ताह पांच डॉक्टर की तैनाती के आदेश दिए, लेकिन फिलहाल इनमें से किसी ने भी अस्पताल में ज्वाइन नहीं किया है।
डॉक्टरों की कमी से स्वास्थ्य व्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है। लोहाघाट व्यापार संघ के अध्यक्ष भैरव दत्त राय ने डॉक्टरों और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती जल्द करने की मांग की है। कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में शीघ्र सुधार न होने पर संघ कड़े कदम उठाने पर विचार करेगा।