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30 दिन में लटके 3 स्कूलों में ताले

Sat, 29 Apr 2017 07:10 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, चंपावत
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चंपावत के खुनाड़ी प्राथमिक विद्यालय लटका ताला। - फोटो : अमर उजाला
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प्राइवेट स्कूलों में दाखिलों को होड़ मची है। वहीं, सरकारी स्कूलों को बचाए रखना कठिन हो रहा है। मौजूदा शिक्षा सत्र (यानि अप्रैल माह) में ही चंपावत जिले में तीन प्राथमिक स्कूलों में ताले लटक गए हैं। इस तरह जिले में अब तक 16 स्कूल बंद हो गए हैं। इसके चलते छात्र संख्या ही नहीं, सरकारी स्कूलों की संख्या भी लगातार कम हो रही है।
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प्राइवेट स्कूलों और इनमें पढ़ने वाले छात्रों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वहीं सरकारी स्कूलों के हालात बदतर होते जा रहे हैं। चंपावत जिले में स्कूलों की संख्या लगातार कम हो रही है। अप्रैल में ही दो प्राथमिक विद्यालय और एक जूनियर हाईस्कूल छात्र संख्या नहीं होने से बंद हो गए। अप्रैल में बंद बाराकोट विकासखंड के काकड़ पम्दा प्राथमिक विद्यालय, चंपावत विकासखंड के ल्वार्की में पिछले साल तीन-तीन छात्र थे, लेकिन अब एक भी छात्र नहीं बचा। इसी तरह चंपावत विकासखंड के मचकुड़ी राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में पिछले साल दो छात्र थे। एक छात्र आठवीं पास कर स्कूल से बाहर हुआ, तो दूसरे छात्र ने सेहत ठीक नहीं होने से स्कूल छोड़ दिया। इसी के साथ अब जिले में 96 राजकीय जूनियर हाइस्कूल और 502 प्राथमिक स्कूल बच गए हैं।

हालांकि, सरकारी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन योजना, निशुल्क पाठ्य पुस्तकें, निशुल्क यूनिफार्म, छात्रवृत्ति सहित तमाम सुविधाएं छात्र-छात्राओं को मिलती है। इसके बावजूद इन स्कूलों के साथ ही छात्रों की संख्या कम होती जा रही है।
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बंद स्कूल                                  वर्ष (जब स्कूल बंद हुए)
प्राथमिक विद्यालय भनार                   1997
झिरकुनी                                    2001
कोटला                                     2009
खुरपाली                                    2010
खुनाड़ी                                      2012
बरौला                                       2014
कोटा जमराड़ी                              2015
गहतोड़ा                                    2015
मध्यावली                                2015
द्योली                                     2015
ग्वीनाड़ा                                   2015
हल्दुवा                                     2016
काकड़ पम्दा                            2017
ल्वार्की                                     2017
जूनियर हाईस्कूल बमन्यूड़ा                2015
मचकुड़ी                                   2017

जहां स्कूल बंद हुए हैं, वहां एक भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित नहीं है। स्कूल जाने वाली उम्र के बच्चों की कमी के चलते ये स्कूल बंद हो रहे हैं। अगर कभी फिर से कोई बच्चा इन बंद स्कूलों में पढ़ना चाहेगा, तो स्कूल फिर से खोला जाएगा। फिलहाल इन बंद स्कूलों के शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में भेजा गया है। -सत्यनारायण, जिला शिक्षाधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) चंपावत।
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