चंपावत/लोहाघाट। केंद्रीय कर्मचारी महासंघ और नेशनल फेडरेशन ऑफ पोस्टल इंप्लाइज के बैनरतले डाक कर्मियों ने श्रम कानूनों के विरोध सहित 13 सूत्री मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार किया। चंपावत, लोहाघाट सहित जिले के तमाम डाकघरों मेें ताले लटके रहे। वहीं लोहाघाट में कर्मचारियों ने नारेबाजी कर विरोध जताया।
चंपावत के पोस्टमास्टर आईडी जोशी ने बताया कि हड़ताल की वजह से डाक विभाग में एक करोड़ रुपये से अधिक का कामकाज प्रभावित रहा। लोहाघाट में प्रभारी पोस्टमास्टर रोशनी पांडेय के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ। मांगें पूरी नहीं होने पर केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर रणनीति बनाकर आंदोलन की बात कही गई । इधर कैनरा बैंक, नैनीताल बैंक, ग्रामीण बैंक सहित कुछ बैंकों की शाखाओं में दिन भर तालाबंदी रही। सहकारी बैंक की भर्ती के लिए आवेदन भेजने डाकघर आए खेतीखान के महेंद्र सिंह, दिनेश देव को मायूस लौटना पड़ा। प्रदर्शन में देव राम, ईश्वरी देवी, मनोज कापड़ी, केदार बोहरा, चंद्रशेखर, प्रकाश कुमार, रमेश राय, महेंद्र देव आदि शामिल थे। इधर बीमा कर्मचारी संघ ने भी समर्थन देकर हड़ताल की। शाखा अध्यक्ष दिनेश भट्ट, सचिव खुशाल सिंह, हिमांशु सिंह, महेश गंगवार, तरुण गोवासीकोटी, जितेश चौहान आदि ने 2017 से देय वेतन पुनर्निर्धारण करने, श्रमिक विरोधी परिवर्तनों पर रोक, एलआईसी के शेयर बेचने पर रोक, बीमा प्रीमियम पर जीएसटी वापस लेने आदि की मांग की।
मुख्य रूप से ये थी कर्मियों की मांगें
डाकघरों में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करने, एनपीएस बंद करने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, महंगाई भत्तों पर लगी रोक हटाने, वेतन पुनरीक्षण पांच वर्ष में करने, आठवां वेतन आयोग गठित करने, डाक लेखा कार्यालयों के विकेंद्रीकरण को बंद करने, बीमा कर्मियों को 2017 से देय वेतन पुनर्निर्धारण करने, श्रमिक विरोधी परिवर्तनों पर रोक, एलआईसी के शेयर बेचने पर रोक, बीमा प्रीमियम पर जीएसटी वापस लेने।
डाक कर्मियों ने प्रधान डाकघर के बाहर दिया धरना
पिथौरागढ़। ऑल इंडिया पोस्टल इंप्लाइज यूनियन, अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ के संयुक्त आवाहन पर केंद्र सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के विरोध में डाक कर्मी एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। पिथौरागढ़ के प्रधान डाकघर के बाहर कर्मचारियों ने मांगों संबंधी तख्तियां हाथों में लेकर धरना दिया। इस अवसर पर नई पेंशन स्कीम समाप्त कर पुरानी पेंशन लागू करने, मृतक आश्रितों को शत प्रतिशत नौकरी देने, डाक सेवकों के लिए गठित कमलेश चंद्रा कमेटी की सभी सिफारिशों को लागू करने सहित 10 सूत्रीय मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की। धरना प्रदर्शन में गणेश ढकरियाल, मयंक पांडेय, मनोज पुनेठा, मुकेश नगरकोटी, मुकेश त्रिपाठी, प्रणव जोशी, मीरा गर्ब्याल, जिज्ञासु पाठक, भुवन जोशी, लीला दुग्ताल, मंजू नगरकोटी, प्रताप मेहरा, सूरज महरा आदि शामिल रहे। डाक कर्मियों की हड़ताल के कारण सभी कामकाज प्रभावित रहे।
आशाओं पर लगातार बढ़ाया जा रहा है काम का दबाव
चंपावत/लोहाघाट। 12 सूत्रीय मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ता संगठन ने केंद्रीय मजदूर यूनियन और फेडरेशन के आह्वान पर एक दिनी कार्य बहिष्कार किया। चंपावत और लोहाघाट में प्रदर्शन किया। बाद में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा गया।
संगठन ने कहा कि आशाओं को मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए नियुक्त किया गया था। बाद में तमाम सर्वे और कई काम देकर उनकी जिम्मेदारी तो बढ़ाई जा रही है, लेकिन सुविधाएं नहीं दी जा रही है। सरकारी कर्मचारी घोषित करने, 21 हजार रुपये वेतन निर्धारण, पेंशन का प्रावधान, बकाया सहित समय से भुगतान किए जाने, कोरोना ड्यूटी में लॉकडाउन भत्ता, 50 लाख रुपये बीमा और 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा सहित 12 सूत्री मांगों का ज्ञापन दिया। चंपावत में रुकमणी जोशी, हेमा गड़कोटी, चंद्रकला सक्टा, पुष्पा बिष्ट, मीरा पंत, लक्ष्मी पांडेय, कमला जोशी, गीता, संगीता, राखी टम्टा, निर्मला जोशी, रेखा पनेरु, उमा जोशी, चंद्रकला जोशी, माधवी बरदोला, निर्मला उप्रेती, विद्या आदि ने प्रदर्शन किया। लोहाघाट में जिलाध्यक्ष सरस्वती पुनेठा के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में सचिव पदमा प्रथोली, रेखा पुजारी, हेमा जोशी, रीना सिंह, मंजू माहरा, चंपा राय, पार्वती पांडेय, ममता देवी, हेमा कलौनी, ममता जोशी, लक्ष्मी गहतोड़ी, प्रियंका देवी, प्रियंका देवी, माहेश्वरी देवी आदि शामिल थे।