पौण की समस्याओं को लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे ग्रामीण।
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पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह बोहरा के नेतृत्व में पौण ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने डीएम से मिलकर पौण गांव के लिए बनी सड़क के निर्माण में लगी ग्रामीणों की जमीन का मुआवजा देने की मांग उठाई। कहा है कि सात साल पहले बनी इस सड़क के निर्माण में ग्रामीणों की खेती योग्य जमीन कट गई थी। अभी तक ग्रामीणों को जमीन का मुआवजा नहीं दिया गया है।
इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष बोहरा ने कहा कि गांव के लोग खेतीबाड़ी कर जीवन यापन करते हैं। वर्ष 2010 में जब जमीन कटी थी तब ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जल्द ही उन्हें इसका मुआवजा मिल जाएगा। लेकिन अभी तक विभाग द्वारा ग्रामीणों को मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा मुआवजे का भुगतान नई दरों के आधार पर किया जाना चाहिए। इस मौके पर ग्रामीणों ने बताया कि कई बार मांग उठाने के बाद भी विभाग द्वारा इस सड़क पर डामरीकरण नहीं किया गया है।
इससे सड़क पर वाहन चलाना जोखिम बना हुआ है। गांव की पेयजल योजना में कभी भी सुचारु रूप से पानी नहीं चलता। ग्राम पंचायत में भीषण जल संकट बना हुआ है। डीएम सी रविशंकर ने समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया है। शिष्टमंडल में पौण की प्रधान ललिता देवी, प्रेम सिंह वल्दिया, दीवान सिंह वल्दिया, भूपाल सिंह, मंटू वल्दिया, कमल वल्दिया आदि शामिल थे।
15 दिन के भीतर ग्रामीणों को मुआवजा दें
पिथौरागढ़। जिले में पीएमजेएसवाई की सड़कों के निर्माण के लिए अपनी भूमि देने वाले ग्रामीणों को लंबे समय बाद भी मुआवजा नहीं मिल सका है। जनता दरबार में डीएम ने कार्यदायी संस्थाओं को 15 दिन के भीतर मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को आयोजित जनता दरबार में भूूमि अधिग्रहण का मुआवजा न मिलने की चार शिकायतें दर्ज हुईं। फरियादियों ने बताया कि सड़क पर काम शुरू हो गया है, लेकिन विभाग की ओर से सड़क के लिए अपनी भूमि देने वाले ग्रामीणों को मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को 15 दिन के भीतर प्रभावितों को मुआवजा देने के निर्देश दिए। उन्होंने बजट होने के बावजूद मुआवजा वितरण में देरी पर भी नाराजगी जताई। इसके साथ ही जनता दरबार में पेयजल समस्या, आर्थिक सहायता, आवास, सिंचाई, सड़क निर्माण, बिजली, पेंशन आदि मामलों से जुड़ी 42 समस्याएं दर्ज हुई। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को सप्ताह भर के भीतर शिकायतों का निस्तारण करने के निर्देश दिए। इस दौरान पीडी डीआरडीए डीडी पंत, डीडीओ गोपाल गिरी समेत कई अधिकारी थे।