लोगों की सहूलियत के लिए करीब चार महीने पूर्व बनी मंच उप तहसील खुद लोगों के लिए मुसीबत बन रही है। इस उप तहसील से स्थायी निवास, चरित्र, आय, जाति सहित किसी भी तरह का कोई भी प्रमाणपत्र नहीं बन सका है। उप तहसील खुलने के बाद जो प्रमाणपत्र बने भी हैं, वे चंपावत तहसील कार्यालय के जरिए बनाए गए हैं। प्रमाणपत्रों के बनाने में आने वाली अड़चन के चलते क्षेत्र की तीन छात्राओं को गौरा देवी कन्या धन योजना के लाभ से भी वंचित होना पड़ा है। और इस साल जनवरी से मंच उप तहसील कार्यालय खुला तक नहीं है।
नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश क्षेत्र के मंच में पिछले साल दिसंबर में उप तहसील खोली गई। 56 राजस्व गांवों की करीब 11 हजार की आबादी वाली इस उप तहसील कार्यालय को मंच से करीब दो किलोमीटर दूर दुबड़ के पंचायत घर में बनाया गया। लेकिन यहां से एक भी प्रमाणपत्र नहीं बन सका। चंपावत से एक नायब तहसीलदार किशन राम को भेजा जरूर गया था। मगर विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें चंपावत बुला लिया गया।
दुबड़ में नेटवर्क न होने से उप तहसील से ऑनलाइन प्रमाणपत्र नहीं बन सके। यहां के ग्रामीणों का कहना है कि उप तहसील से लोगों को अपने गांवों के नजदीक सुविधा मिलने के बजाय करीब 33 किमी दूर चंपावत जाकर प्रमाणपत्र बनाने की फजीहत झेलनी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि गांव के आबादी वाले इलाके मंच से दूरी के अलावा दुबड़ में मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से दिक्कतें बढ़ रही है। इंटर पास कर चुकी मटकांडा की रेखा, मंच की कविता महर व कल्याणी को आय प्रमाणपत्र समय पर नहीं बन पाने से गौरा देवी कन्या धन योजना के लाभ से वंचित होना पड़ा है। योजना के तहत हर छात्रा को 50 हजार रुपए दिए जाते हैं।
लटके हैं ढेरों लोगों के प्रमाणपत्र
तल्लादेश की गुड्डी, पूजा, भावना, रोहित, सोनिया, सिमरन व पूजा के आय प्रमाणपत्र नहीं बन सके हैं। इसी तरह बबलू, सुंदर राम, पवन राम, वीरेंद्र, बसंत राम, भूपाल राम, किशोर का चरित्र प्रमाणपत्र नहीं बन सका है। इसके अलावा ढेरों अन्य ग्रामीणों के भी आय, चरित्र व अन्य प्रमाणपत्र बनने हैं।
जमीन के चयन को बनी है कमेटी
चंपावत से करीब 33 किलोमीटर दूर मंच उप तहसील कार्यालय फिलहाल दुबड़ के पंचायतघर में चलाया जा रहा है। उप तहसील कार्यालय के लिए जमीन के चिन्हिकरण को डीएम डॉ.अहमद इकबाल ने चंपावत के एसडीएम की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है। फिलहाल कमेटी ने अपनी रिपोर्ट नहीं दी है।
निशुल्क भवन देने का दिया प्रस्ताव
मंच के सामाजिक कार्यकर्ता शेर सिंह महर ने मोबाइल नेटवर्किंग समस्या के समाधान के लिए अपना भवन निशुल्क देने का प्रस्ताव दिया है। उनका कहना है कि वन विभाग के विश्रामगृह के पास मोटर मार्ग से लगे उनके मकान में अच्छी नेटवर्किंग है। उप तहसील कार्यालय का अपना भवन बनने तक इस दफ्तर को यहां से चलाने का प्रस्ताव दिया है।
मंच उप तहसील में मोबाइल नेटवर्क की भारी दिक्कत है। इस वजह से कार्य संचालन में अड़चन आ रही है। नेटवर्किंग के लिए दूरसंचार विभाग से पत्राचार किया गया है। विधानसभा चुनाव के चलते मंच के नायब तहसीलदार को चंपावत बुलाया गया था। चंपावत के तहसीलदार के हादसे में चोटिल होने के चलते उन्हें चंपावत का ही दायित्व दिया गया है। इस कारण प्रमाणपत्रों को चंपावत के जरिए बनाया गया। लटके हुए प्रमाणपत्रों को जल्द से जल्द बनवाया जाएगा।
सीमा विश्वकर्मा, एसडीएम, चंपावत।