इस बार स्थानीय अवकाश के दिन शारदा से खनिज निकासी बंद नहीं रहेगी। निकासी का लक्ष्य पूरा करने के लिए वन निगम के खनन प्रभाग ने यह फैसला लिया है। बहरहाल मकर संक्रांति पर्व पर खनन कारोबारियों ने निकासी बंद रखने का निर्णय लिया है।
राज्य की नई खनिज भंडारण नियमावली और रायल्टी दरों में वृद्धि के विरोध इस बार शारदा से खनन करीब एक माह देरी से शुरू हुआ है। वन निगम खनन प्रभाग ने एक दिसंबर से खनन खोल दिया था, लेकिन कारोबारियों ने सरकार द्वारा रायल्टी की दरें घटाने और भंडारण नियमावली में संशोधन का आश्वासन देने पर छह जनवरी से खनिज निकासी शुरू की है। शारदा से खनिज निकासी की मात्रा 19 लाख घन मीटर तय है, लेकिन खनन अवधि में निर्धारित मात्रा में खनिज की निकासी हो पाना संभव नहीं है, जिसे देखते हुए खनन प्रभाग अधिक से अधिक निकासी कराने के प्रयास में जुटा है। इसी के तहत साप्ताहिक और राजकीय अवकाश को छोड़कर स्थानीय अवकाशों के दिनों में भी निकासी खुली रखी जाएगी।
खनन प्रभारी हरीश पाल ने बताया कि निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक एमपीएस रावत के निर्देश पर यह फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि मकर संक्रांति पर्व पर स्नान के लिए शारदा घाट में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, जिसके मद्देनजर खनन कारोबारियों के आग्रह पर 15 जनवरी को खनिज निकासी बंद रखने का निर्णय लिया गया है।