राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत पांच लाख से कम आय वाले परिवारों के राशनकार्डों का अब तक डिजिटलाइजेशन नहीं हो सका है। देरी पर मुख्य विकास अधिकारी श्याम सुंदर पांगती ने पूर्ति विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई। कहा कि कार्ड के डिजिटलाइजेशन में विलंब के अलावा डिजिटलाइजेशन में खामी को गंभीरता से लिया है। सीडीओ ने राशनकार्डों के डिजिटलाइजेशन की प्रगति को हर सप्ताह देने के निर्देश दिए।
हर हाल में फरवरी तक राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के कार्ड तैयार करने को कहा गया। सीडीओ ने बनबसा-टनकपुर क्षेत्र से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में ग्राम पंचायतों में संबंधित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता, ग्राम प्रधान और ग्रामवासियों के साथ खुली बैठक में भरवाए गए जांच पत्रों को कंप्यूटरीकृत किया जाना है। टनकपुर तहसील में कंप्यूटरीकरण के लिए व्यवस्थाएं की गई है।
सीडीओ पांगती ने राष्ट्रीय खाद्यान्न योजना के अंतर्गत राशनकार्ड धारकों की एंट्री में गड़बड़ियों को दूर करने की भी हिदायत दी। चंपावत जिले में योजना से पूर्व 63460 राशनकार्डधारक थे। इसमें से 33595 कार्ड राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल हैं, जबकि 22100 राशनकार्ड राज्य खाद्य सुरक्षा में हैं। इस तरह पांच लाख से अधिक सालाना आमदनी वाले 7765 राशनकार्ड धारक योजना से बाहर हो जाएंगे।