चंपावत। जिले के सबसे बड़े टनकपुर लीसा डिपो की सुरक्षा व्यवस्था से वन महकमा संतुष्ट है। फायर सीजन में आग से बचाव के इंतजाम का बुधवार शाम को जायजा लेने पहुंचे मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) बीपी गुप्ता ने लीसा डिपो का दौरा कर ये बात कही। कहा कि एक-एक लाख लीटर के दो स्टोरेज टैंक होने से किसी भी अनहोनी में तुरंत बचाव मुमकिन है।
पानी के छिड़काव की व्यवस्था ठीकठाक है। वॉच टावर आदि का उपयोग किया जा रहा है। विभागीय कार्मिक पूरी तरह मुस्तैद पाए गए। यह लीसा डिपो आबादी से दूर भी है। सीसीएफ ने बताया कि डिपो में इस वक्त 14 हजार कुंतल लीसा है। अप्रैल 2007 में पुराने लीसा डिपो में जबर्दस्त अग्रि कांड हुआ था। जिसमें दस करोड़ रुपये से अधिक के लीसे के नुकसान के अलावा एक शख्स की मौत हो गई थी। इसके बाद इस डिपो को आबादी से दूर ककरालीगेट के पास स्थापित किया गया था।