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पीड़ा: सड़क न होने से कटी जिंदगी की डोर...इलाज के लिए घंटों तड़पता रहा वृद्ध, हायर सेंटर ले जाते समय तोड़ा दम

Fri, 28 Feb 2025 12:54 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, चंपावत

सार

पाटी में सड़क की कमी एक और जान पर भारी पड़ गई। हृदयाघात से पीड़ित खेरकुड़ा के बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों ने पहले 10 किमी पैदल और फिर गाड़ी से करीब 75 किमी की दौड़ लगाई। अस्पताल पहुंचने से पहले ही बुजुर्ग ने रास्ते में दम तोड़ दिया। 
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बीमार को डोली से ले जाते ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंपावत जिले के पाटी में सड़क की कमी एक और जान पर भारी पड़ गई। हृदयाघात से पीड़ित खेरकुड़ा के 65 वर्षीय बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों ने पहले 10 किमी पैदल और फिर गाड़ी से करीब 75 किमी की दौड़ लगाई। चिकित्सालय पहुंचने से पहले ही बुजुर्ग ने रास्ते में दम तोड़ दिया। पीएमजीएसवाई रमक ग्राम पंचायत में सड़क का सर्वे कर चुका है लेकिन अभी इसकी स्वीकृति नहीं मिली है। ऐसे में पैदल आवाजाही लोगों की मजबूरी है। बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाने में सबसे अधिक समस्या होती है।

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रमक ग्राम पंचायत के खेरकुड़ा गांव में प्रशासक मंगल जोशी के पिता त्रिलोचन जोशी (65) को दिल का दौरा पड़ा था। गांव के लीलांबर अटवाल, भुवन चंद्र, प्रकाश चंद्र, उमेश चंद्र, नरेश चंद्र, परमानंद, गिरीश जोशी, मंगल जोशी, पानदेव जोशी, दयानंद जोशी, नवीन जोशी आदि उबड़-खाबड़ रास्ते से पीड़ित को डोली में मुख्य सड़क तक लाए।

अनहोनी की आशंकाओं के बीच परिजन यहां से उन्हें लोहाघाट के एक निजी क्लीनिक ले गए। चिकित्सक ने उन्हें आश्वस्त किया कि 12 घंटे तक चिंता की कोई बात नहीं है। पिता के सही होने की उम्मीद लिए बेटे सहित अन्य परिजन उन्हें हायर सेंटर ले जा रहे थे कि अमोड़ी के पास पीड़ित ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने कुछ आगे जाकर 108 वाहन मिलने पर जांच कराई तो कर्मियों ने उनकी मौत की पुष्टि की।

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