नगर पंचायत द्वारा तांगों के लाइसेंस बनाने का तांगा चालकों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि तांगा चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, जबकि नगर पंचायत का कहना है कि नियमानुसार और नगर पंचायत की आय बढ़ाने के तहत तांगा चालकों से लाइसेंस शुल्क लिया जा रहा है।
नगर पंचायत ने अपनी आय बढ़ाने के लिए तांगा चालकों का लाइसेंस बनाना शुरू किया है, वहीं तांगा यूनियन अध्यक्ष निजामुद्दीन खान का कहना है कि तांगा चालकों को अब तक नगर पंचायत से कोई सुविधा नहीं मिल रही है। यूनियन के प्रकाश चंद ने तांगा पंजीकरण के नाम पर 800 रुपये सालाना वसूलने को गलत बताया है। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी एससी जोशी ने नगर पंचायत की आय बढ़ाने को तांगा चालकों के पंजीकरण को जायज बताया है।
उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्र में तांगा चालकों द्वारा फैलाई जाने वाली गंदगी की सफाई नगर पंचायत को ही करनी पड़ती है। बताया कि प्रति तांगा 800 रुपये और प्रति चालक 200 रुपये पंजीकरण शुल्क प्रतिवर्ष का बायलॉज में तय किया गया है। बता दें कि क्षेत्र में 80 से अधिक तांगे सवारियों को लेकर महेंद्रनगर नेपाल तक जाते हैं।