टनकपुर (चंपावत)। क्षेत्र में तेंदुए की दहशत बनी है। बुधवार दोपहर टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर यहां से 20 किमी दूर अमरूबैंड के पास तेंदुए ने बाइक सवार नेपाल के गड्ढा चौकी जिला कंचनपुर निवासी अंकुर सिंह (35) पर झपट्टा मारा लेकिन बाइक सवार के तेजी से भागने से जान बच गई। इसी बीच चंपावत की ओर से आ रहे टनकपुर थाने में तैनात सिपाही गोपाल कोहली और एक अन्य पुलिस कर्मी ने बाइक सवार की मदद की।
बता दें कि चंपावत जिले के कई हिस्सों पर इन दिनों तेंदुए की दहशत है। बड़ोली, सिप्टी, तल्लादेश से लेकर एनएच पर बाराकोट क्षेत्र में तेंदुए अक्सर नजर आ रहे हैं। पिछले एक महीने में तेंदुए दो लोगों पर हमला कर चुके हैं। वहीं डीएफओ आरसी कांडपाल का कहना है कि तेंदुए के हमले से बचाव के लिए वन कर्मी लोगों को जागरूक कर रहे हैं। साथ ही शाम को घर से जरूरी होने पर ही निकलने की नसीहत भी दी गई है।
तेंदुआ दिखने से बच्चों का स्कूल जाना हुआ मुश्किल
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय से 10 किमी दूर स्थित धारीजोशी ग्राम पंचायत में इन दिनों रास्ते पर दो तेंदुए दिखाई दे रहे हैं। इस कारण पिछले एक सप्ताह से बच्चों के लिए स्कूल जाना खतरनाक साबित हो रहा है।
धारीजोशी गांव के बच्चों को स्कूल जाने के लिए लगभग डेढ़ किलोमीटर जंगल के रास्ते को पार करना पड़ता है। 24 नवंबर को जब प्राथमिक और जूनियर के 22 बच्चे स्कूल जाने के लिए निकले तो रास्ते पर तेंदुआ नजर आने से उन्हें वापस आना पड़ा।
अगले दिन बच्चे स्कूल के लिए निकले तो फिर से तेंदुआ दिखाई दिया। स्कूल की राह पर तेंदुए की आवाजाही से बच्चे भयभीत हैं। अभिभावक भी तेंदुए के हमले की आशंका से डरे हुए हैं। बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो इसलिए अभिभावक बच्चों को स्कूल तक छोड़ने और लेने स्वयं जा रहे हैं।
वन विभाग लगाएगा कैमरे
पिथौरागढ़। सूचना के बाद वन रक्षक बृजेश विश्वकर्मा ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों से बात करने के बाद बताया कि क्षेत्र में कैमरे लगाए जाएंगे। वन क्षेत्राधिकारी डीसी जोशी ने कहा कि वर्तमान में तेंदुओं की सक्रियता बढ़ गई है। ऐसे में सभी को सतर्क रहने की जरूरत है। संवाद
स्कूल जाते वक्त तेंदुआ लगातार दिखाई दे रहा है। डर लगा रहता है कि कहीं तेंदुआ हमला न कर दे। पिछले एक सप्ताह तेंदुआ स्कूल वाले रास्ते पर दिखाई दे रहा है। -दिया, छात्रा, धारीजोशी।
तेंदुए के दिखाई देने से हम सभी बच्चों में डर का माहौल है। जब कोई बड़ा साथ जाता है तो तभी स्कूल तक जाने की हिम्मत हो रही है। -कमल, छात्र, धारीजोशी।
तेंदुए की वजह से बच्चों को स्कूल भेजने में डर लग रहा है। तेंदुआ कहीं बच्चों पर हमला न कर दे इसकी आशंका बनी रहती है। हालांकि बच्चे समूह में जाते हैं। फिर भी डर बना रहता है। -भरत राम, अभिभावक, धारीजोशी।
गांव से डेढ़ किमी की दूरी पर स्थित स्कूल के रास्ते पर तेंदुआ लगातार दिखाई दे रहा है। कभी-कभी एक साथ दो-दो तेंदुए घूमते दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में क्षेत्र में डर का माहौल बना है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बच्चों के स्कूल जाने और वापस आने तक गांव के लोग चिंतित रहते हैं। -लक्ष्मण कुमार, प्रधान धारीजोशी।
भरत राम, अभिभावक, धारीजोशी।- फोटो : PITHORAGARH
कमल, छात्र, धारीजोशी।- फोटो : PITHORAGARH
दिया, छात्रा, धारीजोशी।- फोटो : PITHORAGARH