लोहाघाट (चंपावत)। नैनीताल हाईकोर्ट के न्यायाधीश मनोज तिवारी ने कहा कि कानूनी जानकारी उत्पीड़न से बचाव का कारगर हथियार है। रविवार को यहां जीआईसी खेल मैदान में आयोजित विधिक और शिविर में उन्होंने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण कमजोर व जरूरतमंद लोगों को निशुल्क कानूनी मदद के साथ जागरूक भी करता है।
जिला जज चंपावत कहकशा खान ने कहा कि अगर कहीं सुनवाई नहीं हो रही हो, तो विधिक सेवा प्राधिकरण से परामर्श और निशुल्क मदद ले सकते है।
डीजीसी भास्कर मुरारी के संचालन में हुए कार्यक्रम में डीएम नवनीत पांडे, एसपी देवेंद्र पींचा, जिला बार संघ ने न्यायाधीश तिवारी का स्वागत किया।
शिविर में सीजेएम अरुण बोहरा, सिविल जज हेमंत सिंह राणा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शिवानी पसबोला, सिविल जज जहां आरा अंसारी, नितिन शाह, सीडीओ आरएस रावत, एडीएम हेमंत कुमार वर्मा, एसडीएम रिंकू बिष्ट, सौरभ असवाल आदि रहे।
22 लोगों के बने मानसिक दिव्यांगता के प्रमाणपत्र
बहुउद्देशीय शिविर में 160 लोगों के अलावा मानसिक रूप से दिव्यांग 22 लोगों के प्रमाणपत्र बनाए गए। 15 लोगों को चश्में, पांच को कान की मशीन, तीन बैसाखी, दो को व्हीलचेयर, दो को स्टिक, एक को वॉकर और एक नेत्रहीन को स्टिक दी गई। चार लोगों को अटल आवास योजना से लाभांवित किया गया। शिविर में स्थानीय उत्पादों से संबंधित स्टॉल भी लगे थे। वहीं नघान गांव के पूरन चंद्र ने न्यायाधीश मनोज तिवारी से बीपीएल कार्ड नहीं बनने की शिकायत करते हुए मदद की गुहार लगाई। तीलू रौतेली पुरस्कार प्राप्त सामाजिक कार्यकर्ता रीता गहतोड़ी ने ज्ञापन देकर ऑनलाइन खेलों से हो रहे नुकसान को देखते हुए रोक लगाने की मांग की।
लोहाघाट विधिक शिविर में कानूनी जानकारी देतें न्यायमूर्ति मनोज तिवारी। संवाद
लोहाघाट विधिक शिविर में कानूनी जानकारी देतें न्यायमूर्ति मनोज तिवारी। संवाद