रोडवेज कर्मचारियों के हितों की मांग को लेकर रोडवेज इंपलाइज यूनियन के नेताओं और सहायक महाप्रबंधक संचालन पवन मेहरा के बीच तीखी नोकझोंक हुई, लेकिन कर्मचारी नेताओं के तीखे तेवर के आगे महाप्रबंधक संचालन को झुकना पड़ा। उन्होंने यूनियन की तीन सूत्री मांगों को स्वीकार करते हुए उस पर अमल करने की बात कही है।
सहायक महाप्रबंधक संचालन की मनमानी से रोडवेज परिचालकों का न तो अलाटमेंट लागू हो पाया और न ही समय संचालन कक्ष में परिचालकों की ड्यूटी पर रोक लगी। वहीं वाह्य स्रोत चालकों को तो सभी मार्गों पर ड्यूटी में भेजा है जबकि परिचालकों की ड्यूटी चुनिंदा मार्गों पर ही लगाई जा रही थी। कर्मचारी हितों की अनदेखी से खफा रोडवेज इंपलाइज यूनियन के संरक्षक वीरेंद्र पुरी के नेतृत्व में कर्मचारी नेताओं का शिष्टमंडल मंगलवार को सहायक महाप्रबंधक संचालन से वार्ता के लिए उनके कार्यालय पहुंचा। वार्ता के दौरान सहायक महाप्रबंधक संचालन के अभद्र व्यवहार से पहले तो कर्मचारी नेताओं और सहायक महाप्रबंधक के बीच तीखी नोकझोंक हुई, लेकिन बाद में सहायक महाप्रबंधक को यूनियन की मांगें माननी पड़ी।
सहायक महाप्रबंधक संचालन ने यूनियन को लिखित दिया कि परिचालकों का अलाटमेंट लागू किया जाएगा, वाह्य स्रोत चालकों की भांति वाह्य स्रोत परिचालकों की भी यथासंभव सभी मार्गों पर ड्यूटी लगाई जाएगी और समय संचालन कक्ष में किसी परिचालक की ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी, उनके स्थान पर लिपिकों की शिफ्ट बार ड्यूटी लगाई जाएगी। वार्ता में कर्मचारी नेता संतोष गुप्ता, हुकुम चंद, कमलेश द्विवेदी, कपिल त्रिपाठी, दीप चंद्र शाह, बसीम अहमद, राजकिशोर शुक्ला आदि शामिल थे।