राज्य मानवाधिकार आयोग की फटकार के बाद जिला अस्पताल के हालात अगले कुछ महीनों में सुधर जाएंगे। चतुर्थ श्रेणी के 16 पदों को पांच महीने के भीतर तैनात करना होगा। ये आदेश देहरादून में मानवाधिकार आयोग ने सोमवार को सुनवाई के दौरान दिए। शासन और स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य महानिदेशालय ने भी पदों को आउटसोर्सिंग से रखने को हरी झंडी दे दी है।
जिला अस्पताल की ओर से वरिष्ठ सर्जन डा.आरपी खंडूरी ने दून में आयोग के सम्मुख पक्ष रखा। आयोग ने मामले की सुनवाई की अगली तिथि चार अगस्त रखी है तथा इस तारीख से पहले जिला अस्पताल के चतुर्थ श्रेणी के सभी पदों की आटसोर्सिंग से तैनाती सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस बिजेंद्र जैन के नेतृत्व में पिछले साल 17 नवंबर को आयोग की टीम ने जिला अस्पताल का मौका मुआयना कर व्यवस्था में खामी को लेकर फटकार लगाई थी। आयोग ने इस मामले में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, स्वास्थ्य महानिदेशालय और जिला अस्पताल को प्रतिवादी बनाया था।
अब स्वास्थ्य महानिदेशक डा.कुसुम नरियाल ने जिला अस्पताल के सीएमएस को इन पदों पर तैनाती करने को कहा है। कहा कि 8 नवंबर 2011 को जिला अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी के 16 पद आउटसोर्सिंग के माध्यम से सृजित किए गए थे और अब 16 फरवरी को स्वास्थ्य मंत्री द्वारा ली गई बैठक में भी इन पदों पर तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। डा.नरियाल ने तैनाती कर बजट की मांग करने के आदेश दिए हैं।
60 बेड का अस्पताल, चतुर्थ कर्मी एक भी नहीं
सोमवार को केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट में हर जिला अस्पताल में डायलिसिस सेंटर खोलने को मंजूरी दी गई, मगर यहां के जिला अस्पताल के हाल तो आईसीयू के मरीज जैसे है। अक्तूबर 2012 में स्थापित जिला अस्पताल के इमारत की ही लागत 6.06 करोड़ रुपये है। 60 बेड वाले इस अस्पताल में 11 डॉक्टर से लेकर पैरामेडिकल सहित 31 कार्मिकों का स्टाफ है। 26 डॉक्टर में से मात्र 11 हैं। फिजिशियन, ईएनटी सहित ज्यादातर विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं है। इन सबसे बढ़कर चतुर्थ श्रेणी कर्मी एक भी नहीं है। कक्षसेवक, कक्षसेविका, स्वच्छक, महिला स्वच्छक, चौकीदार, चपरासी आदि के 16 पदों में से एक की भी तैनाती नहीं हो सकी है। मुख्य चिकित्साधीक्षक डा.एसबी ओली का कहना है कि दूसरी जगह से संबद्ध कर किसी तरह काम चलाया जा रहा है।
मानवाधिकार आयोग के आदेश के क्रम में स्वास्थ्य महानिदेशालय स्तर से आउटसोर्सिंग से 16 चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की तैनाती को हरी झंडी दी गई है। इस प्रक्रिया को अगले चार महीने में पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही महानिदेशालय से बजट की मंजूरी भी ले ली जाएगी। -डा.विनोद टोलिया, मुख्य चिकित्साधिकारी, चंपावत।