लधिया घाटी के विकास के लिए क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता एकजुट होकर आवाज उठाएंगे। ये एलान शुक्रवार को श्रीरीठा साहिब में हुई बैठक में किया गया।
प्रतिनिधियों ने कहा कि समुचित ध्यान नहीं देने से श्रीरीठा साहिब सहित लधिया क्षेत्र विकास से अछूता रह गया है, जबकि प्रसिद्ध सिख गुरुद्वारा होने से ये इलाका प्रमुख पर्यटन मानचित्र में शुमार है। नागरिकों ने यहां तकनीकी ज्ञान देने के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) को मंजूर करने की मांग की। लधिया घाटी के कई ग्राम पंचायत होने के बावजूद इंटर से आगे की शिक्षा के लिए यहां के युवक-युवतियों को 62 किमी दूर लोहाघाट जाने की मजबूरी है।
ऐसे में प्रतिनिधियों ने यहां डिग्री कॉलेज खोलने समेत हैलीपेड बनाने, गैस गोदाम, मोटर पुल निर्माण आदि कई विकास कार्यों की मांग की। श्रीरीठा साहिब के स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण को भी आवाज उठाई गई। बैठक में श्रीरीठा साहिब की ग्राम प्रधान पुष्पा बोहरा, परेवा की चंपा परवाल, कुलियालगांव के ग्राम प्रधान महेश राम, जय दत्त, टांण के खीमानंद गड़कोटी, साल के लक्ष्मण सिंह, मछियाड़ के पुष्कर सिंह, धरसौं से शेर नाथ, बिनवालगांव से भावना, मंगललेख से मीना देवी, पीएलवी हयात राम आदि मौजूद थे।