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नया शिक्षा सत्र शुरू होते ही नौ स्कूलों में लटके ताले

Thu, 05 Apr 2018 10:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत।
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तपनीपाल राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय भवन। - फोटो : अमर उजाला
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नया शिक्षा सत्र शुरू होते ही जिले में आठ राजकीय प्राथमिक विद्यालयों और एक राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पर ताला लटक गया है। दो अप्रैल से शुरू नए शिक्षा सत्र सेे यह नौ स्कूल पास के दूसरे विद्यालयों से संचालित होने लगे हैं। इन नौ स्कूलों में कुल 35 विद्यार्थी थे। सभी में छात्र संख्या दस या इससे कम थी। इन स्कूल के भवनों का उपयोग आंगनबाड़ी या दूसरे सरकारी कार्यों में किया जाएगा।

दस से कम छात्र संख्या के साथ एक किलोमीटर के भीतर दूसरे विद्यालय होने के चलते इन प्राइमरी स्कूलों को पास के दूसरे विद्यालयों में विलीन कर दिया गया है। इनमें बाराकोट विकासखंड के दो व पाटी के छह प्राथमिक विद्यालय हैं। चमरौली के स्कूल को मऊ, छंदा के स्कूल को चाकमेहता, करौली को जगाधार, मड़ियोली को चल्थिया, ब्रुशखोला को देवीधुरा, पाटी को पूनाकोट, सिरतोली को कानाकोट व पिपलाटी प्राथमिक विद्यालय को जोश्यूड़ा प्राथमिक विद्यालय में विलीन किया गया है। जबकि तीन किमी के भीतर दूसरा स्कूल होने व दस से कम छात्रों वाले उच्च प्राथमिक विद्यालय को भी विलीन किया गया है। इसमें तीन छात्रों वाले तपनीपाल को पोखरी राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में विलीन किया गया है।  जिले में राजकीय प्राथमिक विद्यालयों की संख्या अब सिमटकर 491 और उच्च प्राथमिक स्कूलों की संख्या 93 रह गई है।
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कोट
शासन के आदेश का पालन कराया जा रहा है। दस से कम छात्र संख्या और निर्धारित दूरी के दायरे में आने वाले इन नौ स्कूलों के अभिलेखों और अन्य संपत्तियों को विलीनीकरण वाले विद्यालयों को हस्तगत कराया जा रहा है। इससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई किसी भी रूप में प्रभावित नहीं होगी।
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आरसी पुरोहित, मुख्य शिक्षाधिकारी, चंपावत।

एक किमी दूर के स्कूलों में विलय हुए विद्यालय
करौली, मड़ियोली, ब्रुसखोला, पाटी, सिरतोली, पिपलाटी, छंदा व चमरौली प्राथमिक स्कूल और तपनीपाल जूनियर हाईस्कूल।

जिले में दस तक छात्र वाले 68 स्कूल
चंपावत जिले में भले ही नौ स्कूलों को दस तक छात्र संख्या होने की वजह से दूसरे स्कूलों में विलय कर दिया गया हो, मगर इसके बाद भी 64 प्राथमिक विद्यालय और 4 उच्च प्राथमिक विद्यालय इस दायरे में आते हैं। लेकिन इन प्राथमिक विद्यालयों से दूसरे स्कूलों का फासला एक किमी से ज्यादा और उच्च प्राथमिक विद्यालय में ये दूरी तीन किलोमीटर से अधिक है। इस कारण इन्हें दूसरे स्कूलों में विलय नहीं किया गया है। वैसे छात्र संख्या शून्य होने के चलते लगातार स्कूलों में ताले लटक रहे हैं। 2017 में ही 4 प्राथमिक विद्यालयों (काकड़ पम्दा, ल्वार्की, सुंदरचौड़ व तल्ली लड़ी) और 2 उच्च प्राथमिक विद्यालयों (मचकुड़ी व भोकड़ा) में ताले लटक चुके हैं।
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