महिला पुलिस कर्मी अर्चना राणा। (फाइल फोटो)
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चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर धौन-बनलेख के बीच शनिवार को हुई दुर्घटना में जान गंवा चुकी महिला पुलिस कर्मी अर्चना राणा को पुलिस सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। एसपी लोकेश्वर सिंह और अन्य पुलिस अधिकारी-कर्मियों ने पुलिस लाइन में उन्हें सलामी दी।
पुलिस कार्यालय के साइबर सेल में तैनात अर्चना राणा (24) पुत्री महेंद्र सिंह राणा (खटीमा के अमाऊ निवासी) की स्कूटी दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। करीब एक किलोमीटर गहरी खाई में गिरने से अर्चना की मौके पर ही मौत हो गई थी। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस लाइन में सीओ अशोक कुमार सिंह, कोतवाल धीरेंद्र कुमार सहित तमाम पुलिस अधिकारी-कर्मियों ने भावभीनी विदाई दी। अक्तूबर 2016 को पुलिस आरक्षी के रूप में भर्ती हुई अर्चना राणा के परिवार में माता-पिता के अलावा दो भाई हैं। अलबत्ता वह परिवार की इकलौती कमाऊ सदस्य थी। अर्चना के शव को पुलिस सम्मान के साथ उनके गांव अमाऊ खटीमा ले जाया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला आरक्षी अर्चना राणा जिम्मेदारी को बेहतरीन तरीके से निभाने के साथ ही सौम्यता और अच्छे व्यवहार के चलते साथियों में लोकप्रिय थी। इसी माह सात मार्च को पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार के दौरे पर भी डीजीपी की पत्नी अलकनंदा अशोक ने अर्चना के अच्छे काम के लिए पीठ भी थपथपाई थी।
स्कूटी हादसे में मृत महिला पुलिस कर्मी अर्चना राणा को चंपावत पुलिस लाइन में अंतिम विदाई देते एसप?- फोटो : CHAMPAWAT