कुलियालगांव में ग्रामीणों को रोग से बचाव के तरीके बतातीं जिला संक्रामक रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ.कामिनी मेहरा।
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यहां से 80 किमी दूर कुलियाल गांव ग्राम पंचायत के मेलाचौक गांव की एक किशोरी के चिकनगुनिया से ग्रस्त होने की खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। जिला संक्रामक रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. कामिनी मेहरा के नेतृत्व में मंगलवार गांव पहुंचे दल ने लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। गांव में गंदगी के साथ ही मच्छरों की भरमार थी। जांचे गए 60 ग्रामीणों में से 40 बुखार से पीड़ित थे। अलबत्ता इनमें से कोई भी चिकनगुनिया से ग्रसित नहीं था।
डॉ. मेहरा ने बताया कि कुलियाल गांव और मेलाचौक दोनों जगह गंदगी का अंबार और मच्छरों की भरमार थी। 30 से ज्यादा घरों में जाकर 60 लोगों का परीक्षण किया गया। बुखार से पीड़ित 40 ग्रामीणों को दवा देने के साथ ही बरतने वाली जरूरी सावधानियां बताई गईं। दल ने लोगों को कचरा साफ करने, पानी एकत्र न होने देने के साथ ताजा भोजन और उबले पानी के उपयोग की नसीहत दी।
साथ ही इन गांवों में सफाई के लिए विशेष अभियान चलाने की जरूरत भी बताई गई। टीम में रीठा साहिब अस्पताल के डॉ. सोनू उपाध्याय, फार्मेसिस्ट दीपक गिरि, एएनएम गंगोत्री धामी, आशा फेसिलिटेटर गीता बोहरा, पुष्पा जोशी शामिल थीं।
चिकनगुनिया पीड़ित शोभा का दिल्ली में चल रहा इलाज
चंपावत जिले में चिकनगुनिया का पहला मामला पिछले सप्ताह कुलियालगांव के मेलाचौक गांव से सामने आया था। चिकनगुनिया से पीड़ित शोभा चिलवाल (14) पुत्री सुरेश चिलवाल का 14 सितंबर से दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। किशोरी की हालत में थोड़ा सुधार है।