सतीश जोशी सत्तू
चंपावत। जिला मुख्यालय से बीस किलोमीटर की दूरी पर स्थित सल्ली ग्राम पंचायत के कुकड़ौनी तोक को आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा मुहैया नहीं हो पाई है। सल्ली ग्राम पंचायत को सांसद अजय टम्टा की ओर से गोद लिया गया है।
इसके बावजूद गांव में सड़क के अलावा बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा आदि सुविधाओं की कमी है। इस कारण गांव की 60 फीसदी से अधिक की आबादी पलायन कर चुकी है। गांव की आबादी पहले 600 थी जो कि वर्तमान में घटकर लगभग 250 के आसपास रह गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव को गोद लेने के बाद से आज तक सांसद गांव में नहीं आए हैं। ग्रामीण कमल सिंह, रमेश सिंह, संजय सिंह, महेश चंद्र, दिनेश चंद्र, श्याम सिंह, दशरथ सिंह आदि का आरोप है कि हर बार विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधियों की ओर से गांव को सड़क से जोड़ने के सब्जबाग तो दिखाए जाते हैं लेकिन अब तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने अपने दावों को धरातल पर उतारने के लिए कुछ नहीं किया।
कोट
बीते 25 वर्षों के दौरान कुकड़ौनी गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने की कई बार घोषणाएं तो हुईं लेकिन अब तक एक बार भी सर्वे नहीं हुआ। इस कारण ग्रामीण गांव से पलायन कर अन्यत्र बसने को विवश हैं। - शंकर सिंह, ग्रामीण।
ग्राम पंचायत सल्ली के कुकड़ौनी तोक में बुनियादी सुविधाओं के अभाव के बारे में संबंधित अधिकारियों को समय-समय पर अवगत कराया गया है लेकिन अब तक कुकड़ौनी तोक की दशा नहीं बदल पाई है। - पूरन सिंह, ग्राम प्रधान, सल्ली।