शुक्रवार को मुख्य सचिव राकेश शर्मा का बनबसा दौरा भले ही रद्द हो गया, लेकिन विधायक हेमेश खर्कवाल की पहल पर विकास कार्यों की समीक्षा के साथ ही नई योजनाएं भी तय की गई है। बनबसा के कठुवापाती, सूखीढांग या फिर चल्थी में सिडकुल की स्थापना होगी। इसके लिए भूमि तलाशने के निर्देश दिए गए हैं।
विधायक खर्कवाल ने बताया कि शहरी विकास विभाग के निदेशक नवनीत पांडेय, सचिव तकनीकी शिक्षा आरके सुधांशु, सचिव आपदा प्रबंधन मीनाक्षी सुंदरम और सिडकुल के एमडी राजेश कुमार के साथ निर्माणाधीन विकास कार्यों की समीक्षा के साथ ही विकास की नई योजनाएं भी तय की गई है। कठुवापाती, सूखीढांग या चल्थी में सिडकुल बनेगा। इसके लिए एसडीएम को भूमि चयन कर प्रस्ताव भेजने को कहा गया है। अमोड़ी में डिग्री कालेज जल्द अस्तित्व में आएगा और टनकपुर महाविद्यालय में विज्ञान संकाय के लिए 3.5 करोड़ की लागत से अलग भवन बनेगा। गांवों में वन्यजीवों का प्रवेश रोकने को वन विभाग द्वारा छीनीगोठ से उचौलीगोठ बूम तक गांवों और जंगल की सीमा में सोलर फैंसिंग लगाई जाएगी।
बनबसा नगर पंचायत के स्टाफ की नियुक्ति के लिए एक सप्ताह में शासनादेश जारी हो जाएगा। टनकपुर नगर पालिका के कर्मचारियों की देनदारी निपटाने को एक तिहाई राशि सरकार देगी। विधायक ने बताया कि यूपी और उत्तराखंड सिंचाई विभाग के खाते में जमा करीब 4,5 करोड़ रुपये बनबसा क्षेत्र में विकास कार्यों पर खर्च होंगे। यूपी सिंचाई विभाग भी इस बात पर सहमत है।