लोहाघाट के कोलीढेक में निर्माणाधीन झील।
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लोहाघाट (चंपावत)। कोलीढेक में निर्माणाधीन बहुउद्देश्यीय जलाशय (झील) की लागत में 3.62 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। सिंचाई विभाग ने अब इसकी 30.76 करोड़ रुपये की संशोधित डीपीआर शासन में भेजी है, जबकि पहले इसका निर्माण 27.84 करोड़ में होना था। जीएसटी सहित काम में कुछ बदलाव की वजह से इस लागत में वृद्धि हुई है। झील के निर्माण से पर्यटन, सिंचाई और पेयजल किल्लत का समाधान होने के साथ ही रोजगार के मौके भी बढ़ेंगे।
विधायक पूरन सिंह फर्त्याल की पहल पर नवंबर 2018 में कोलीढेक झील का काम शुरू हुआ था। झील में रोड कटिंग, साइड दीवार, बांध की फाउंडेशन कटिंग, रॉक एंकरिंग, कल्वर्ट आदि का काम पूरा हुआ है। ईई सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि झील के लिए 14.85 करोड़ रुपये अवमुक्त हुए हैं। इसमें 11 करोड़ रुपये मुआवजे और निर्माण कार्य में खर्च हो चुके हैं। दावा किया कि बजट मिलने में देरी न हुई तो जून 2021 तक झील का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
प्रभावित होगा 11 हेक्टेयर क्षेत्र
लोहाघाट (चंपावत)। 1550 मीटर लंबी, 125 मीटर चौड़ी और 21 मीटर गहरी कोलीढेक झील के निर्माण से करीब 11 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हो रहा है। इसके डूब क्षेत्र में 600 लोगों की 9.512 हेक्टेयर नाप भूमि आई है। 4.50 हेक्टेयर वन भूमि डूब क्षेत्र में आ रही है। इससे 715 पेड़ प्रभावित होंगे। सिंचाई विभाग ने 80 प्रतिशत लोगों को भूमि का मुआवजा दे दिया है।
झील की डीपीआर बढ़ने की कई वजह हैं। पहले के आगणन में जीएसटी शामिल नहीं था। आईआईटी के वैज्ञानिकों ने मौका मुआयने के बाद डैम आउटलेट और डैम सेक्शन का प्रावधान किया गया। इससे लागत बढ़ गई है। - सुरेश चंद्र रावत, ईई, सिंचाई विभाग।