कोलीढेक झील का सीमांकन और लेवल चैक करते इंजीनियर।
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कोलीढेक में प्रस्तावित झील निर्माण की कवायद शुरू हो गई है। सिंचाई विभाग ने झील निर्माण के लिए सीमांकन कार्य शुरू कर दिया है। इसके अलावा पूर्व में किए स्तर निरीक्षण के कार्य का दुबारा से निरीक्षण करने का कार्य भी शुरू हो गया है। सहायक अभियंता भुवन पांडेय, अभियंता अमित उप्रेती आदि झील क्षेत्र का सीमांकन और लेवल निरीक्षण का कार्य कर रहे हैं।
कोलीढेक में 2006 से प्रस्तावित झील निर्माण के मामले को विधायक पूरन सिंह फर्त्याल पहले कई बार विधानसभा में दमदार तरीके से उठा चुके हैं। भाजपा सरकार बनते ही मुख्यमंत्री ने कोलीढेक में झील निर्माण की घोषणा की। सिंचाई खंड लोहाघाट के अधिशासी अभियंता अवधेश राम ने बताया कि कोलीढेक में झील निर्माण के लिए करीब 10.50 हेक्टेयर भूमि की जरूरत है। झील स्थल में करीब 4.5 हेक्टेयर भूमि ग्रामीणों की निजी भूमि है। जबकि शेष भूमि राजस्व और वन विभाग की है। पूर्व में झील की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट (डीपीआर) को संशोधित कर 27.14 करोड़ रुपये की संशोधित डीपीआर शासन को भेजा गया। उनका कहना है कि भूमि के निस्तारण में करीब 5.96 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है।
1550 मीटर लंबी झील बनेगी
अधिशासी अभियंता अवधेश राम का कहना है कि झील की लंबाई 1550 मीटर, चौड़ाई औसत 100 मीटर व गहराई 20 मीटर होगी। झील के चारों ओर सड़क का निर्माण, पार्किंग, रेस्टोरेंट, गार्ड रूम आदि का निर्माण भी किया जाना है। झील की भौगोलिक सर्वे, ड्रिलिंग, ड्रिफ्टिंग, संपर्क मार्ग, मृदा परीक्षण आदि में पूर्व में करीब 38 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। शासन द्वारा वित्तीय स्वीकृति की संस्तुति सहित नाबार्ड में प्रेषित है। नाबार्ड से वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद झील का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।