जिला मुख्यालय में भी कर्ज माफी को लेकर किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को जिले भर के किसानों ने भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले कर्ज माफी की मांग को लेकर कलक्ट्रेट में जोरदार नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया तथा धरना दिया। किसानों ने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए कर्ज माफी के वादे पर अमल करने की मांग उठाई।
कहा कि पिथौरागढ़ जिले के बेड़ीनाग में किसान सुरेंद्र सिंह की आत्महत्या के बाद भी अनर्गल बयानबाजी और आश्वासन दिए जा रहे हैं। इस कारण चंपावत जिले के परेशान किसान भी बेड़ीनाग के किसान की तरह ही आत्मघाती कदम उठा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि चंपावत जिले के सभी किसान प्रभावित किसान के परिजनों के साथ हैं, प्रभावित परिवार को सरकार को तत्काल मदद देनी चाहिए।
विभिन्न माध्यमों के जरिए मिली जानकारी के अनुसार सरकार का किसान की आत्महत्या को आत्महत्या नहीं मानना गलत है। किसानों के अनुसार मौसम की मार और जंगली जानवरों के खौफ के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में खेती किसानी का काम दिनोंदिन मुश्किल होता जा रहा है। किसान कर्ज में डूबा हुआ है।
राज्य और केंद्र सरकार को अपने वादे के मुताबिक सभी किसानों का कर्ज तत्काल माफ कर देना चाहिए। किसान यूनियन जिलाध्यक्ष नवीन सिंह करायत के नेतृत्व में प्रदर्शन करने और ज्ञापन देने वालों में चंद्रदत्त जोशी, सुरेश सिंह बिष्ट, कैलाश मुरारी, नारायण सिंह, बसंत मुरारी, श्याम सिंह, हरीश राम, प्रहलाद सिंह, पूरन सिंह सहित जिले भर के किसान शामिल रहे।
पानी 20 रुपये लीटर और दूध 18 रुपये लीटर
चंपावत। जिले के किसानों का कहना है कि एक ओर बाजार में जहां 20 रुपये लीटर पानी की बोतल बिक रही है, वहीं उनके उत्पादित दूध को 18 रुपये प्रति लीटर का मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। किसानों को दूध का उचित मूल्य नहीं मिलने से दुग्ध उत्पादक मायूस हैं। तमाम दावों के बाद भी चंपावत जिले में किसी भी किसान को अब तक फसल बीमा योजना का लाभ नहीं मिल पाया है।