दो दिन से हो रही बारिश से पूर्णागिरि मार्ग पर किरोड़ा नाला उफना गया है, इससे इस मार्ग पर चार घंटे आवाजाही ठप रही। वहीं, गैंड़ाखाली, बूम, उचौलीगोठ, खेतखेड़ा, थ्वालखेड़ा के लोगों का सुबह आठ बजे तक सड़क संपर्क कटा रहा। जरूरी काम से आ-जा रहे लोगों को जान जोखिम में डालकर किरोड़ा को आर-पार करना पड़ा। सुरक्षा के लिहाज से नाले के दोनों छोर पर पुलिस फोर्स तैनात करना पड़ा। विचई में पुराने आरटीओ कार्यालय के पास सड़क किनारे खोदे गए गड्ढे में भरे पानी में एक व्यक्ति गिर गया। वहां मौजूद लोगों ने डूब रहे व्यक्ति को किसी तरह गड्ढे से निकाला।
वहीं बाटनागाड़ में मलबा आने से पूर्णागिरि मार्ग बंद हो गया है। करीब पांच सौ मीटर सड़क मलबे से पट गई है। ठुलीगाड़ से आगे हनुमान चट्टी एवं लादीगाड़ में दरक रही पहाड़ी का मलबा गिरने से सड़क बंद हो गई है। लोनिवि की जेसीबी मलबा हटाने में जुटी है। खबर लिखे जाने तक मार्ग नहीं खुला था। उधर, छीनीगोठ में हुड्डी तो थ्वालखेड़ा में किरोड़ा नाले से गांव की ओर कटाव हो रहा है। मनिहारगोठ, विष्णुपुरी, आमबाग और विचई में जलभराव से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी है। मनिहारगोठ गांव में मेरा गांव मेरी सड़क योजना से बनी गांव की आंतरिक नवनिर्मित सड़क की सुरक्षा दीवार ध्वस्त हो गई है। थ्वालखेड़ा में उफनाए किरोड़ा नाले से गांव की ओर कटाव हो रहा है। एसडीएम अनिल चन्याल ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सेक्टरों में तैनात आपदा नियंत्रण एवं प्रबंधन टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में बराबर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
हुड्डी नदी छीनीगोठ गांव में कटाव कर रही है। उप प्रधान राजेश चंद्र के नेतृत्व में ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर कटाव की रोकथाम के उपाय करने की गुहार लगाई है। ज्ञापन सौंपने वालों में रामचंद्र, विशन, विजय जोशी, सुरेश, जगदीश पंत, हेमराज, चंद्र बल्लभ भट्ट आदि शामिल थे।