पाटन-पाटनी के झूमाधुरी नंदाष्टमी महोत्सव में सुहावने मौसम के बीच पाटन पाटनी, राईकोट महर गांव से मां भगवती और मां महाकाली की डोला रथ यात्राएं निकलीं।
गांवों के मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना की गई। करीब सात हजार फिट की खड़ी चढ़ाई पार करता हुआ पाटन पाटनी से मां भगवती का पहला डोला तीन बजे मां झूमाधुरी मंदिर पहुंचा। डोले में मां भगवती के डांगर के रूप में अवतरित उमेश चंद्र पाटनी और धन सिंह पाटनी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दे रहे थे।
खाल तोक में पूजा अर्चना के बाद सीधी खड़ी चढ़ाई में श्रद्धालुओं ने रस्सों के सहारे डोला रथ यात्रा को मंदिर की परिक्रमा कराई। करीब पांच किमी खड़ी चढ़ाई पार करते हुए राईकोट महर गांव से भी मां भगवती, महाकाली की रथ यात्रा झूमाधुरी को रवाना हुई। भगवती के डांगर दान सिंह, मां महाकाली के रूप में अवतरित होकर राधिका देवी ने भक्तों को चंवर झुलाकर आशीर्वाद दिया।
दोनों रथों के पीछे महिलाएं खोल दे माता खोल भवानी धार में केवाड़ आदि मां के जयकारे लगाते हुए चल रहीं थीं। महोत्सव समिति के अध्यक्ष मोहन पाटनी, ग्राम प्रधान सुभाष विश्वकर्मा, बाबा आदित्यदास, जगदीश पाटनी, बसंत विश्वकर्मा, शशांक पांडेय आदि व्यवस्थाओं में जुटे रहे।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य सचिन जोशी, सुनील चौबे, अनिल जोशी आदि ने शरबत की व्यवस्था की थी। ऋषेश्वर और हनुमान मंदिर समिति लोहाघाट की ओर से मेले के दौरान भंडारा आयोजित किया गया था।
पाटनपाटनी, राइकोट महर में हुआ रात्रि जागरण
रविवार की रात को पाटन पाटनी, राईकोट महर गांव में रात्रि जागरण हुआ। लोक देवताओं ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। वहीं मां झूमादेवी मंदिर में महिलाओं ने जागरण किया।