चंपावत जिले के वनराजि गांव खिरद्वारी में जानकारी लेती टीम। स्रोत : सूचना
चंपावत। जिले के दूरस्थ और वन समृद्ध ग्राम खिरद्वारी को ट्राइबल टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की दिशा में नई पहल शुरू हो गई है। वनराजियों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए ट्राइबल टूरिज्म कारगर साबित होने की उम्मीद है।
ट्राइबल टूरिज्म के तहत स्थानीय जनजातीय जीवन, संस्कृति, पारंपरिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और जंगलों की अनूठी विशेषताओं के संरक्षण में मदद मिलेगी। गांव में रेस्ट प्वाइंट, बच्चों के लिए खेल पार्क, व्यू प्वाइंट, होमस्टे और रेस्ट हाउस जैसी बुनियादी सुविधाओं के सृजन से क्षेत्र का विकास होगा। यहां सुविधाओं के विकसित होने से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं के लिए स्वरोजगार और गांव की आर्थिक सुदृढ़ता के व्यापक अवसर भी उपलब्ध होंगे।
डीएम मनीष कुमार ने बताया कि पर्यटन, राजस्व, ग्रामीण निर्माण विभाग और सीएनडीएस के माध्यम से ट्राइबल टूरिज्म के काम कराए जाएंगे। खिरद्वारी गांव में ट्राइबल टूरिज्म हब बनाने की दिशा में काम शुरू हो गया है। पर्यटन, राजस्व, ग्रामीण निर्माण विभाग और सीएनडीएस की संयुक्त टीम ने गांव का स्थलीय निरीक्षण किया। जल्द ही योजना बनाकर काम किए जाएंगे।