जिला योजना में पिछले वर्ष के स्वीकृत प्रस्तावों को कार्यों में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद नए कार्यों को शुरू किया जाएगा। शुक्रवार को जिला योजना की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी दीपेंद्र कुमार चौधरी ने लंबित कार्यों को तेजी से पूरा करने के साथ नए प्रस्तावों में क्षेत्रवार संतुलन के निर्देश दिए।
सीडीओ श्याम सुंदर पांगती ने बताया कि मौजूदा वित्त वर्ष के 49.61 करोड़ रुपए के परिव्यय को जिला नियोजन समिति से पारित प्रस्तावों के हिसाब से खर्च किया जाएगा। अनुमोदन के बाद लोनिवि को 92 प्रस्ताव, जल संस्थान को 79, लघु सिंचाई को 106, पर्यटन विभाग को 114, जिला पंचायत को 27 और उरेडा को 312 नए प्रस्ताव मिले हैं। बैठक में पीडी केएन तिवारी सहित तमाम जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद थे।