चंपावत। जिले में कई दिनों से हो रही भारी वर्षा से मैदानी क्षेत्र टनकपुर और बनबसा में जलभराव हो गया है। इससे प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों में रखा जा रहा है। इस दौरान प्रभावितों और आम नागरिकों को स्वास्थ्य की समस्या उत्पन्न न हो इसके लिए डीएम नवनीत पांडे ने सीएमओ केके अग्रवाल को टनकपुर-बनबसा क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाएं बेहतर रखने के निर्देश दिए हैं।
जलभराव की स्थिति के कारण जल जनित रोगों की होने की आशंका है। डीएम ने इस संबंध में सीएमओ को निर्देश दिए कि उप जिला चिकित्सालय टनकपुर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनबसा में आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए तथा शिविरों में रह रहे लोगों सहित प्रभावितों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए। आवश्यकता पड़ने पर गांव-गांव जाकर स्वास्थ्य कैंप लगाए जाएं। डीएम ने नगर पालिका टनकपुर और नगर पंचायत बनबसा के ईओ को निर्देश दिए कि सभी क्षेत्रों में अभियान चलाकर फॉगिंग और दवा का छिड़काव किया जाए। ताकि जलजनित आदि बीमारियों से बचाव हो सके। संवाद
अस्पताल से कोई भी मरीज नहीं किया जाएगा रेफर
चंपावत। जिला के अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों को एनएच बंद होने पर किसी भी हाल में रेफर नहीं किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए सभी अस्पतालों के प्रभारियों को निर्देश जारी किए हैं।
बारिश के बीच स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर है। नगर और ग्रामीण क्षेत्र में आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधा देना वर्तमान समय में विभाग की प्राथमिकता रहेगी। किसी भी परिस्थिति में मरीजों को रेफर नहीं किया जाएगा। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि बनबसा, टनकपुर, जिला अस्प्ताल, लोहाघाट अस्पताल में चिकित्सकों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा है कि एनएच बंद होने पर किसी भी मरीज को रेफर नहीं किया जाएगा। मरीज का स्थानीय स्तर पर इलाज किया जाएगा। एंबुलेंस, 108 आपातकालीन वाहन चालित स्थिति में हैं, इनकी जांच की गई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सीएचओ और अन्य चिकित्सा अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर बीमारों का बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद