फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कन्याधन योजना के लिए दो साल से टहला रही सरकार

Wed, 02 Mar 2016 10:47 PM IST
राजेश देउपा/अमर उजाला, टनकपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
गौरा देवी कन्याधन योजना के तहत छात्राओं को लाभान्वित किए जाने का सरकार खूब डंका पीट रही है, लेकिन कई ऐसी छात्राएं हैं, जिन्हें सरकार योजना के लाभ के लिए दो साल से टहला रही है। बनबसा के पूर्णागिरि इंटर कॉलेज की करीब दो दर्जन छात्राएं भी योजना के लाभ से वंचित हैं। इन छात्राओं को लाभान्वित करने के लिए सरकार बजट ही नहीं दे पा रही है।
विज्ञापन


बनबसा निवासी शखावत अली पुत्र रौनक अली द्वारा आरटीआई के तहत समाज कल्याण विभाग से पूर्णागिरि इंटर कॉलेज बनबसा के बारे में मांगी गई सूचना से योजना को लेकर सरकार के उदासीन रवैये की पोल खुली है। बालिकाओं को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सरकार ने गौरा देवी कन्याधन योजना शुरू की है। इसके तहत इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली छात्राओं को समाज कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2013-14 मेें 25 हजार रुपये की एनएससी दी गई, लेकिन अब सरकार ने इस धनराशि को बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया है। वर्ष 2013-14 में पूर्णागिरि इंटर कॉलेज की 39 छात्राओं को गौरा देवी कन्याधन योजना के लिए चिन्हित किया गया था, लेकिन तब मात्र 16 छात्राओं को ही योजना से लाभान्वित किया गया था।

शेष 23 छात्राओं को बजट आने पर लाभान्वित करने की बात कही गई थी। ये छात्राएं दो साल से योजना के लाभ के लिए भटक रही हैं, मगर सरकार बजट मुहैया कराने में टालमटौली कर रही है। सहायक समाज कल्याण अधिकारी गोपाल सिंह राणा का कहना है कि वित्तीय वर्ष 2013-14 में लंबित छात्राओं के स्वीकृत आवेदन पत्र के लिए निदेशालय से बजट की मांग की गई है, बजट मिलने पर उक्त छात्राओं को लाभान्वित किया जाएगा।
विज्ञापन


बजट मिलने पर किया जाएगा लाभान्वित
पूरे जिले में 277 छात्राएं हैं, जिन्हें 2013-14 में बजट के अभाव के कारण गौरा देवी कन्याधन योजना का लाभ नहीं दिया जा सका। प्रदेश में योजना के लाभ से वंचित छात्राओं की संख्या हजारों में है। जिले में लाभ से वंचित सामान्य जाति की 223 और अनुसूचित जाति की 54 छात्राएं हैं। बजट के लिए कई बार निदेशालय को लिखा जा चुका है। जिलाधिकारी के स्तर से भी बजट के लिए पत्र भेजा गया है और मुख्यमंत्री के टनकपुर आगमन पर उनके समक्ष भी इस मामले को रखा गया था, लेकिन अब तक बजट नहीं मिल पाया है। -पीसी जोशी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, चंपावत।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें