झूमाधुरी महोत्सव: हजारों श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद
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झूमाधुरी महोत्सव में पाटन पाटनी तथा राईकोट महर गांव से मां भगवती और मां महाकाली की डोला रथ यात्राएं निकली। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मां का आशीर्वाद लिया।
शुक्रवार सुबह से ही दोनों ही गांवों के मंदिरों में पूजा-अर्चना की गई। दोपहर बाद लोगों का रुख झूमाधुरी मंदिर की ओर होने लगा। अपराह्न तीन बज कर दस मिनट में पाटन पाटनी से मां भगवती का पहला डोला मां झूमाधुरी मंदिर की ओर रवाना हुआ। डोले में मां भगवती के डांगरों के रूप में अवतरित उमेश चंद्र पाटनी और धन सिंह पाटनी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दे रहे थे।
खाल तोक में पूजा-अर्चना के बाद सीधी खड़ी चढ़ाई में श्रद्धालुओं ने रस्सों के सहारे डोला रथ यात्रा को ले जाकर मंदिर की परिक्रमा की। चार बजकर दस मिनट में राईकोट महर गांव से भी मां महाकाली की रथ यात्रा मंदिर की ओर रवाना हुई। श्रद्धालुओं ने मां के जयकारे करते हुए खड़ी चढ़ाई पार कर रथ को झूमाधुरी मंदिर की परिक्रमा कराई।
रथ में सवार मां महाकाली के रूप में अवतरित होकर राधिका महर ने भक्तों को चंवर झुलाकर आशीर्वाद दिया। दोनों रथों के पीछे महिलाएं मां के जयकारे लगाते हुए चल रही थी। मंदिर परिसर में रथों के विसर्जन के बाद यहां विशाल मेला आयोजित हुआ। महोत्सव समिति के अध्यक्ष मोहन पाटनी, सुभाष विश्वकर्मा, जगदीश पाटनी, हरीश सिंह, अमित कुमार ने सभी के प्रति आभार जताया।