भारत-नेपाल के बीच लंबे समय से चल रहा सीमा विवाद सुलझाने को जल्द ही दोनों देशों की टीमें संयुक्त रूप से सीमा क्षेत्र का सर्वे कर सीमांकन करेंगी। इसके लिए सर्वे ऑफ इंडिया की टीम एक सप्ताह पूर्व ही टनकपुर पहुंच गई है। फिलहाल, सर्वे ऑफ नेपाल की सर्वे टीम नहीं पहुंची। नेपाल की टीम के पहुंचते ही सीमा के सर्वे की कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
चंपावत जिले से लगी नेपाल सीमा में कई सीमा स्तंभों के क्षतिग्रस्त होने और कुछ के गायब होने से दोनों देशों के बीच लंबे समय से सीमा को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। ब्रह्मदेव के समीप सीमा स्तंभ 811/3 ए लंबे समय से गायब है।
चंपावत से लेकर यूपी के लखीमपुर खीरी तक भारत-नेपाल सीमा में स्तंभ संख्या 700 से 850 तक सीमा की स्थिति स्पष्ट करने को दोनों देशों के बीच संयुक्त सर्वे कराने का फैसला लिया गया है। 24 से 26 सितंबर तक दोनों देशों के बीच देहरादून में हुई एसओसी की बैठक में सर्वे की कार्ययोजना बनने के बाद सर्वे ऑफ इंडिया की टीम एक सप्ताह पूर्व यहां पहुंच गई है।
सर्वे टीम के मुखिया बीएसएस प्रसाद ने बताया कि सर्वे ऑफ नेपाल की टीम के पहुंचने के बाद एफएसटी का गठन किया जाना है। इसके बाद ही दोनों देशों की टीमें संयुक्त रूप से सर्वे शुरू करेंगी। भारत-नेपाल सीमा की स्थिति स्पष्ट करने को जल्द दोनों देशों की टीम संयुक्त सर्वे शुरू करेगी।
सर्वे ऑफ इंडिया की टीम टनकपुर पहुंच चुकी है, लेकिन सर्वे ऑफ नेपाल की टीम अभी नहीं पहुंची है। नेपाल की टीम संभवत: शनिवार को पहुंच सकती है। सर्वे से पूर्व दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बैठक होगी जिसमें एफएसटी का गठन किया जाएगा। - एसएन पांडेय, जिलाधिकारी चंपावत।