नेपाल सीमा से लगे चंपावत वन प्रभाग के खर्राटाक के जंगल में वन्यजीव शिकारियों के डेरा जमाने की खबर के बाद पुलिस, पीएसी, वन, खुफिया और एसएसबी की टीम शिकारियों के पकड़ने के लिए रवाना हो गई है। उधर वन विभाग की एक सशस्त्र टीम पहले ही चंपावत की और से खर्राटाक में कांबिंग के लिए भेजी जा चुकी है।
चंपावत वन प्रभाग के बूम रेंज का खर्राटाक जंगल वन्यजीव शिकारियों के गिरोह का अड्डा है। बताया जाता है कि गर्मी में वन्यजीवों के झुंड पानी की तलाश में नदी की और आते हैं जहां पहले से घात लगाए बैठे शिकारी उन्हें अपना निशाना बनाते हैं। इस बार भी शिकारियों के गिरोह के जंगल में डेरा जमाने की खबर है। एक पखवाड़े पूर्व खर्राटाक के जंगल में स्थित कालसन देवता के मंदिर में पूजा के लिए गए पूर्णागिरि धाम के एक पुजारी के परिवार को जंगल के अंदर जगह-जगह वन्यजीवों के शिकार के प्रमाण दिखाई दिए थे। शिकारियों के डेरा जमाने की खबर छपने के बाद वन विभाग और पुलिस महकमा हरकत में आया है।
प्रभागीय वन अधिकारी एके गुप्ता ने जहां विभाग की एक सशस्त्र टीम को तीन दिन पहले ही खर्राटाक के जंगल रवाना किया है, वहीं पुलिस अधीक्षक डीएस कुंवर ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस, पीएसी, वन विभाग, खुफिया विभाग और एसएसबी की ज्वाइंट टीम शिकारियों को पकड़ने के लिए पूर्णागिरि धाम की और से खर्राटाक के जंगल रवाना किया है। बूम पुलिस चौकी इंचार्ज उप निरीक्षक दामोदर भट्ट के नेतृत्व में गई टीम में स्पेशल ब्रांच के विकेंद्र सिंह राणा, खुफिया विभाग के मनोज आदि शामिल हैं।