रीठा साहिब जोड़ मेले के समापन मौके पर रवाना होते सिख तीर्थयात्री। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : CHAMPAWAT
रीठा साहिब (चंपावत)। रीठा साहिब गुरुद्वारे में तीन दिनी सालाना जोड़ मेला संपन्न हो गया। गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड पाठ के महाभोग और अरदास के साथ सोमवार को मेले का विधिवत समापन हुआ। तीन दिवसीय मेले में 40 हजार से अधिक तीर्थयात्रियों ने मत्था टेका। मेला संपन्न होने के बाद तीर्थयात्रियों की वापसी का सिलसिला तेज हो गया है।
रीठा साहिब के गुरुद्वारे में देर रात तक शबद-कीर्तन हुए। अमृतसर के ग्रंथी और दिल्ली के बाबा बच्चन सिंह ने सिख धर्म गुरुओं के त्याग, बलिदान, सेवा, सत्कार की खूबियों को याद किया। उन्होंने इस परंपरा को बढ़ाने की अपील की। सबकी भलाई के लिए अरदास हुई। इसमें बताया गया कि सिख धर्म के संस्थापक गुरुनानक देव जी ने अपनी आध्यात्मिक शक्ति के बल पर रीठे की कड़वाहट में मिठास भरकर समूचे समाज को मिलकर रहने की सीख दी। दूरदराज से आए अमृतसर के मुख्य जत्थेदार ज्ञानी गुरुवचन सिंह, कार सेवा प्रमुख बाबा बच्चन सिंह, तरसेम सिंह, राजपाल सिंह, अजीतपाल सिंह, अजीत सिंह, अमरजीत सिंह सहित कई जत्थेदार, ग्रंथी, संतों ने सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया। महाभोग का लंगर छकने के बाद यहां से तीर्थयात्रियों की रवानगी शुरू हुई। कार सेवा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह और प्रबंधक बाबा श्याम सिंह ने विभिन्न स्थानों से पहुंचे तीर्थ यात्रियों का स्वागत किया। दूरदराज से आए लोगों ने कार सेवा कर व्यवस्थाओं में हाथ बंटाया। मेले में विधिक साक्षरता शिविर भी लगाया गया। इसमें पीएलवी हयात राम ने कानूनी जानकारी देकर निशुल्क कानूनी साहित्य भी बांटा।