पूर्णरागिरि धाम (चंपावत)। नवरात्र शुरू होने के साथ ही मां पूर्णागिरि धाम मेला क्षेत्र जय माता दी उद्घोष से गूंजने लगा है। बुधवार को मेले में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। मेला मजिस्ट्रेट टनकपुर के एसडीएम सुंदर सिंह ने बताया कि पहले नवरात्र पर 24 घंटे के भीतर करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में मत्था टेका। भारी भीड़ के चलते श्रद्धालुओं को दुश्वारी भी हुई।
मुख्य मंदिर में श्रद्धालुओं को देवी के दर्शन के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। सीढिय़ों से मुख्य मंदिर तक करीब 400 मीटर के फासले को तय कर देवी दर्शन करने में ढाई घंटे लगे। वाहनों का लंबा काफिला रहा। भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस को बैरिकेडिंग लगा कर रोकना पड़ा।
डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि मेले में व्यवस्थाएं पूरी तरह चाक चौबंद हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, स्वास्थ्य शिवरि, रैनबसेरा सहित कई व्यवस्थाएं की गई थी। मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी ने बताया कि पहले दिन बुलंदशहर, सीतापुर, बदायू, बरेली, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत सहित उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु देवी दरबार में पहुंचे। सीओ अविनाश वर्मा ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस का बंदोबस्त किया गया है।
मन्नत पूरी होने पर रेंग कर चली श्रद्धालु ममता
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की ममता कुमारी ने मन्नत पूरी होने पर ठुलीगाड़ से करीब 500 मीटर तक रेंग कर देवी दर्शन किए। ममता और उनके पति संतोष कुमार ने बताया कि वे सात बार इससे पूर्व दर्शन कर चुके हैं। पिछले साल उन्होंने पूर्णागिरि देवी से एक मन्नत मांगी थी। जिसके पूरा होने पर ममता कुमारी रेंग कर चली। कहा कि अगले साल भी ये सिलसिला जारी रहेगा।
भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। पूर्णागिरि धाम में पहले दिन 11 भंडारे लगे। पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने इन भंडारों में प्रसाद ग्रहण किया। वहीं सीतापुर की एक नन्हीं बच्ची तानिया ने अपनी मां पुष्पा के साथ प्रसाद बेचा।
श्रद्धालुओं की भीड़ से पूर्णागिरि मार्ग पर लगा जाम
टनकपुर (चंपावत)। उत्तर भारत के प्रसिद्ध मां पूर्णागिरि धाम में नवरात्र के पहले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने से पूर्णागिरि मार्ग पर जगह-जगह जाम की स्थिति रही। यातायात नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। नायकगोठ किरोड़ा रोखड़ से बूम तक वाहनों की कतार लगी रही। नायकगोठ और गैंडाखाली किरोड़ा रोखड में वाहनों को खड़ा कराया गया जहां से श्रद्धालुओं को करीब 12 किमी का अतिरिक्त सफर पैदल तय करना पड़ा। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम सुंदर सिंह, सीओ अविनाश वर्मा और मेला अधिकारी एएमए भगवत पाटनी मेले की व्यवस्था में डटे रहे।
होली के अगले दिन 9 मार्च से शुरू हुए मेले में हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। बुधवार से नवरात्र शुरू होते ही श्रद्धालुओं की भीड़ काफी बढ़ गई। मंगलवार की मध्य रात्रि से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हुआ जो बुधवार को दिनभर चली। सुबह के वक्त अचानक भीड़ बढ़ने से कई स्थानों पर जाम लगा रहा। पुलिस ने नायकगोठ और गैंड़ाखाली के किरोडा रोखड में वाहनों को खड़ा करा कर यातायात सुचारु कराया। बूम पड़ाव तक वाहनों के नहीं पहुंचने से श्रद्धालुओं को नायकगोठ रोखड़ से पैदल जाना पड़ा।
स्नानघाट और नेपाल के ब्रह्मदेव में भी रौनक
टनकपुर। नवरात्र के पहले दिन मां पूूर्णागिरि धाम के साथ ही बूम एवं टनकपुर के शारदा घाट पर स्नान के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। वहीं बाबा सिद्धनाथ के दर्शन के लिए आवाजाही से भारत-नेपाल सीमा और नेपाल के सीमांत ब्रह्मदेव बाजार में भी खासी रौनक रही। संवाद