चंपावत। चंपावत के नजदीक के गांव डड़ा बिष्ट की बुजुर्ग महिला की मौत की वजह का पता लगाने के लिए गठित जांच दल ने जांच पूरी कर ली है। जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके जोशी के नेतृत्व में गठित टीम ने मौत की वजह ह्दयगति रुकने के अलावा समय पर आपात सेवा 108 एंबुलेंस का नहीं मिल पाना बताया है। अगर वक्त पर एंबुलेंस मिलती, तो जान बचाई जा सकती थी। बुधवार को जांच रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी गई है।
डड़ा बिष्ट की पार्वती देवी (75) पत्नी राम सिंह 10 जुलाई को गिरने से चोटिल हो गई थी। बुजुर्ग महिला को फौरन जिला अस्पताल ले जाया गया था। कमर के नीचे वाली हड्डी के टूटे होने और ईसीजी जांच में हृदयघात होने की पुष्टि के बाद बुजुर्ग महिला को 10 जुलाई की आधी रात को हल्द्वानी अस्पताल रेफर किया गया था। लेकिन हायर सेंटर ले जाने के लिए चंपावत और लोहाघाट की आपात सेवा 108 एंबुलेंस नहीं मिल सकी थी। और 11 जुलाई की सुबह बुजुर्ग महिला की मौत हो गई थी।
बाद में मौत के मामले की जांच करने के सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने पीएमएस को आदेश दिए। पीएमएस डॉ. आरके जोशी, फिजीशियन डॉ. अजय कुमार और अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ. एचएस ऐरी की तीन सदस्यीय जांच दल ने इलाज से संबंधित विभिन्न दस्तावेजों की पड़ताल की। मौत की वजह हृदयघात के अलावा 108 एंबुलेेंस की उपलब्धता न होना बताया गया। कहा गया कि अगर तुरंत एंबुलेंस मिल जाती, तो संभव था कि महिला को समय पर हल्द्वानी इलाज मिल पाता।
वहीं जिला अस्पताल की टीम ने जूप की महिला नरी देवी (45) की 13 जुलाई को हुई मौत के कारणों की भी आंतरिक जांच की। जिसमें मौत की वजह दिल की नसों में ब्लाक बताया गया। साथ ही इस मामले में भी टायर नहीं होने से 108 सेवा की एंबुलेंस नहीं मिल सकी थी।